अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन के व्हाइट हाउस छोड़ने के लगभग छह महीने बाद, सीनेट में रिपब्लिकन नेताओं ने उनके राष्ट्रपति कार्यकाल की जांच शुरू की है। यह जांच खासतौर पर बाइडन की मानसिक फिटनेस को लेकर की जा रही है। बुधवार को इस सिलसिले में कांग्रेस ने पहली बार सुनवाई की।
सीनेट न्यायपालिका समिति के रिपब्लिकन नेताओं ने इस सुनवाई में तीन गवाहों को बुलाया। हालांकि, इनमें से कोई भी बाइडन प्रशासन का हिस्सा नहीं थे। जांच करने के लिए रिपब्लिकन ने तर्क दिया कि बाइडन, उनके स्टाफ और मीडिया को उनके कार्यकाल के दौरान की गईं चीजों के लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।
सीनेट का समय बर्बाद कर रहे रिपब्लिकन
हालांकि, डेमोक्रेट नेताओं ने इस सुनवाई का बहिष्कार कर दिया। उन्होंने रिपब्लिकन नेताओं की आलोचना की और आरोप लगाया कि जब देश कई गंभीर समस्याओं का सामना कर रहा है, तब रिपब्लिकन बाइडन की मानसिक फिटनेस पर चर्चा करके सीनेट का समय बर्बाद कर रहे हैं।
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बाइडन के कार्यकाल में व्हाइट हाउस में क्या हुआ, यह जानना मकसद: कार्निन
टेक्सास के सीनेटर जॉन कार्निन, जिन्होंने सुनवाई की सह-अध्यक्षता की, ने कहा कि उनका मकसद यह समझना है कि बाइडन के राष्ट्रपति बनने के दौरान व्हाइट हाउस में वास्तव में क्या हुआ, इस पर प्रकाश डालना होगा। कार्निन ने कहा, 'हम जो कुछ भी हुआ उसे अनदेखा नहीं कर सकते क्योंकि राष्ट्रपति बाइडन अब पद पर नहीं हैं।' हालांकि, बाइडन के प्रवक्ता ने सुनवाई पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
ओवरसाइट कमेटी ने पूर्व कर्मचारियों और डॉक्टर को भेजा समन
यह सुनवाई बाइडन को लेकर आने वाले समय में होने वाली कई सुनवाइयों में से पहली है। सदन में, ओवरसाइट कमेटी ने बाइडन के कुछ पूर्व कर्मचारियों और उनके व्हाइट हाउस डॉक्टर को समन भेजा है और उन्हें 27 जून की सुनवाई में गवाही देने का आदेश दिया है। यह जांच इस बात को लेकर हो रही है कहीं बाइडन की मानसिक गिरावट को जानबूझकर छिपाया तो नहीं गया।
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बाइडन की उम्र और मानसिक फिटनेस को लेकर पिछले साल उठे सवाल
बाइडन की उम्र और मानसिक फिटनेस को लेकर पिछले साल गर्मियों में सवाल उठे थे। जब बाइडन ने डोनाल्ड ट्रंप के साथ एक बहस में हिस्सा लिया और उनका प्रदर्शन कमजोर रहा, जिसके चलते बाइडन को राष्ट्रपति चुनाव की दौड़ से हटना पड़ा। नवंबर में ट्रंप के राष्ट्रपति पद पर वापस आने के बाद भी, रिपब्लिकन ने बाइडन की उम्र पर सवाल उठाना जारी रखा। उन्होंने हाल ही में आई कुछ रिपोर्टों का हवाला देकर कहा कि बाइडन व्हाइट हाउस में निर्णय लेने के काबिल नहीं थे।
डोनाल्ड ट्रंप ने ये लगाया आरोप
डोनाल्ड ट्रंप ने अब आरोप लगाया है कि बाइडन प्रशासन के अधिकारियों ने पूर्व राष्ट्रपति के जाली हस्ताक्षर बनाए होंगे और उनकी जानकारी के बिना व्यापक कार्रवाई की होगी। हालांकि ट्रंप ने इस दावे का कोई सबूत नहीं दिया है, लेकिन उन्होंने व्हाइट हाउस और न्याय विभाग के वकीलों को जांच करने का आदेश दिया है।
हाल ही में बाइडन को प्रोस्टेट कैंसर होने की हुई थी पुष्टि
गौरतलब है कि हाल ही में जो बाइडन को प्रोस्टेट कैंसर होने की खबर सामने आई थी। उनके कार्यालय ने प्रोस्टेट कैंसर होने की पुष्टि की थी। 82 वर्षीय बाइडन के कार्यालय के अनुसार, डॉक्टरों ने कहा है कि बाइडन प्रोस्टेट कैंसर के आक्रामक रूप से पीड़ित हैं। बीमारी उनकी हड्डियों तक फैल चुकी है। बाइडन ने पहले मूत्र संबंधी शिकायत की, जिसके बाद डॉक्टरों ने जांच में उच्च श्रेणी के कैंसर की पुष्टि की थी। बाइडन को प्रोस्टेट कैंसर की पुष्टि होने के बाद बड़ी राजनीतिक बहस छिड़ गई थी।
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