रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह इन दिनों चार दिवसीय दौरे पर अमेरिका में हैं। यहां उन्होंने शुक्रवार को अमेरिकी रक्षा सचिव लॉयड ऑस्टिन के साथ मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच रक्षा सहयोग की मजबूती को लेकर चर्चा हुई। इसके अलावा रक्षा मंत्री ने मौजूदा रक्षा सहयोग गतिविधियों की समीक्षा करने और उन्हें और गहरा करने पर भी सहमति जताई। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी।
उन्होंने अपने पोस्ट में कहा कि मेरे प्रिय मित्र लॉयड ऑस्टिन के साथ उत्कृष्ट बैठक। हमने मौजूदा रक्षा सहयोग गतिविधियों की समीक्षा की और इसे और गहरा करने के तरीकों पर चर्चा की। आपूर्ति व्यवस्था की सुरक्षा पर हस्ताक्षर और प्रमुख अमेरिकी कमांडों पर भारतीय अधिकारियों की स्थिति के लिए समझौते पथप्रदर्शक विकास हैं।
बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने इंडो-पैसिफिक समुद्री डोमेन जागरूकता, एक क्वाड पहल के संचालन में हुई प्रगति औऱ हिंद महासागर क्षेत्र में भागीदारों के लिए समुद्री डोमेन जागरूकता बढ़ाने के लिए भारत द्वारा चल रहे प्रयासों की भी सराहना की।
उन्होंने संयुक्त समुद्री बलों (सीएमएफ) में चल रही भारतीय भागीदारी का स्वागत किया। कहा कि भारत 2025 में सीएमएफ के संयुक्त कार्य बल 150 मुख्यालय में भारतीय नौसेना कर्मियों को तैनात करेगा। इस दौरान ऑस्टिन ने स्टार्ट-अप, उद्योग, शिक्षा जगत और सरकारों के बीच मजबूत नेटवर्क स्थापित करने, अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियों को अपनाने में तेजी लाने के साथ ही दोनों पक्षों की युद्ध क्षमताओं को बढ़ाने के लिए भारत-अमेरिका रक्षा त्वरण पारिस्थितिकी तंत्र (INDUS-X) के प्रयासों की भी सराहना की।
रक्षा मंत्रालय ने कहा कि सितंबर 2024 में आगामी INDUS X सिलिकॉन वैली शिखर सम्मेलन में कई प्रमुख पहलों की घोषणा की जाएगी। दोनों मंत्रियों ने भारत और अमेरिका के बीच सुरक्षा आपूर्ति व्यवस्था (एसओएसए) के समापन पर प्रसन्नता व्यक्त की।
इससे पहले अमेरिका पहुंचे राजनाथ सिंह ने वहां प्रवासी भारतीयों से भी मुलाकात की। वहां रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत और अमेरिका एक मजबूत ताकत हैं, जो विश्व में शांति, समृद्धि और स्थिरता सुनिश्चित कर सकते हैं। सिंह ने भारत और अमेरिका को स्वाभाविक सहयोगी बताया। कहा, दोनों देश एक मजबूत साझेदार हैं और यह सहयोग लगातार बढ़ रहा है। सिंह ने इस तथ्य पर फिर से जोर दिया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गतिशील नेतृत्व में वैश्विक मंच पर भारत का कद बढ़ा है। उन्होंने कहा, पहले अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की बातों पर ध्यान नहीं दिया जाता था, लेकिन आज पूरी दुनिया ध्यान से सुनती है। प्रधानमंत्री मोदी के दृष्टिकोण को व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा, हम भारत को एक मजबूत, सुरक्षित और समृद्ध राष्ट्र के रूप में विकसित करना चाहते हैं।
छल-कपट हमारे चरित्र में नहीं
रक्षा मंत्री ने कहा, मैं प्रवासियों से कहना चाहूंगा कि वे पूरी ईमानदारी से काम करें। आपको भारत के प्रति समर्पित होना चाहिए, क्योंकि छल-कपट हमारे चरित्र में नहीं है। हम धोखा खा सकते हैं, लेकिन दूसरों को धोखा नहीं दे सकते।