India-Australia Ties: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सिडनी में प्रवासी भारतीयों समेत कई वर्ग के लोगों से संवाद करते हुए कहा कि भारत हिंसा में विश्वास नहीं करता है। इस दौरान उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा कि ये कार्रवाई सटीक और लक्षित थी; केवल आतंकियों के ठिकानों को निशाना बनाया गया था।
भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सिडनी के भारतीय दूतावास में उद्योगपतियों, पूर्व सैनिकों और प्रवासी भारतीयों से बात करते हुए भारत की अर्थव्यवस्था और सुरक्षा नीतियों पर विस्तार से कहा। उन्होंने बताया कि वे हाल ही में ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री, उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री के साथ मीटिंग कर चुके हैं और उनके देश के नेताओं ने भारत की तेजी से बढ़ती प्रगति की तारीफ की। इस दौरान उन्होंने भारत के ऑपरेशन सिंदूर का भी जिक्र किया है।
'ऑपरेशन सिंदूर में केवल आतंकी ठिकानों को किया गया नष्ट'
सुरक्षा और आतंकवाद के संदर्भ में रक्षा मंत्री ने एक स्पष्ट और कड़ा रुख दिखाया। उन्होंने 22 मई को पहलगाम में हुए उस दर्दनाक हमले का जिक्र किया- जहां पर्यटक परिवारों के साथ गए थे और आतंकियों ने निर्दोष जानें लीं। उनके मुताबिक, इस घटना के बाद 23 तारीख को रक्षा मंत्रालय में सेना, नौसेना और वायु सेना के प्रमुखों तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक बुलाई गई। बैठक में यह निर्देश दिया गया कि पाकिस्तान में मौजूद आतंकियों और उनके प्रशिक्षण-स्थलों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। प्रधानमंत्री के साथ चर्चा के बाद, जरूरी लक्ष्य पहचान कर अभियान चलाया गया- जिसे उन्होंने 'ऑपरेशन सिंदूर' के रूप में बताया। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई सटीक और लक्षित थी; नागरिक संस्थानों को निशाना नहीं किया गया, बल्कि केवल आतंकियों के ठिकानों को नष्ट किया गया।
विज्ञापन
भारत हिंसा में विश्वास नहीं करता- राजनाथ सिंह
राजनाथ सिंह ने यह भी कहा कि भारत हिंसा में विश्वास नहीं करता, पर अपनी सुरक्षा और नागरिकों की रक्षा के लिए निर्णायक रूप से कदम उठाने में सक्षम है। वे यह संदेश देना चाहते थे कि भारत अब अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सम्मान और प्रभाव रखता है- न केवल विकास के कारण बल्कि अपनी सुरक्षा क्षमता और निर्णायक नीतियों के चलते भी।
भारत दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था- राजनाथ सिंह
उन्होंने आर्थिक मामलों पर कहा कि भारत अब वैश्विक मंच पर एक मजबूत आवाज बन चुका है। कुछ मुख्य बिंदु उन्होंने अपनी बातें रखी हैं। भारत दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ने वाले बड़े अर्थतंत्रों में शामिल है। विदेशी मुद्रा भंडार $700 बिलियन से अधिक है, जो आर्थिक मजबूती का संकेत है। सरकार ने अर्थव्यवस्था के लिए कई कदम उठाए हैं और चरम गरीबी अब बहुत कम- केवल लगभग 2% लोग अत्यंत गरीबी रेखा पर हैं। यूनिफाईड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) की सफलता को दुनिया ने आश्चर्यजनक माना है। डिजिटल भुगतान का यह प्लेटफॉर्म भारत की आर्थिक आधुनिकता का प्रतीक बन गया है। करीब 140,000 स्टार्टअप्स अभी सक्रिय हैं।