रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत ने हथियार व रक्षा उपकरण किसी देश को धमकाने के लिए नहीं, बल्कि अपनी क्षमता बढ़ाने और सुरक्षा मजबूत करने के लिए खरीदे हैं। भारत को मिले पहले राफेल में उड़ान भरने के बाद राजनाथ ने कहा, राफेल के अधिग्रहण का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जाना चाहिए।
अगले साल मई में चार विमानों की खेप पाने के बाद फरवरी 2021 में भारत को 18 राफेल विमान मिलेंगे। रक्षा मंत्री ने बताया कि 2021 के बाद अप्रैल—मई 2022 तक सभी 36 विमान हमें मिल जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह हमारी आत्मरक्षा का एक हिस्सा है और हम किसी के प्रति आक्रामकता नहीं दिखाना चाहते।
राजनाथ सिंह ने कहा, 36 राफेल एयरक्राफ्ट को लेकर 2016 में करार किया गया था। मुझे खुशी है कि राफेल विमानों की डिलीवरी तय समय पर हो रही है, मुझे विश्वास है कि इससे हमारी वायुसेना में और मजबूती आएगी।
उन्होंने कहा कि राफेल एक फ्रेंच शब्द है। जिसका मतलब है 'आंधी'। मुझे उम्मीद है कि राफेल अपने नाम को चरितार्थ करेगा। हमारा फोकस वायुसेना की क्षमता बढ़ाने पर है। मैं फ्रांस का शुक्रगुजार हूं।
उन्होंने पूर्व फ्रांसीसी राष्ट्रपति जैकी शिराज को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा, मैं भारत सरकार और देश जनता की तरफ पूर्व राष्ट्रपति जैकी सिराज को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। उन्होंने भारत-फ्रांस के बीच रणनीतिक संबंध स्थापित करने में हमारे पूर्व पीएम अटलजी के साथ महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
राजनाथ सिंह ने सोमवार को पेरिस पहुंचने पर ट्वीट किया था, ‘फ्रांस पहुंचकर खुशी हुई। यह महान देश भारत का अहम सामरिक साझेदार है और हमारा विशेष संबंध औपचारिक संबंधों के क्षेत्र से परे जाता है। फ्रांस की मेरी यात्रा का लक्ष्य दोनों देशों के बीच के वर्तमान सामरिक साझेदारी का विस्तार करना है।’
इस मौके पर फ्रांस के शीर्ष सैन्य अधिकारी तथा राफेल के विनिर्माता दसाल्ट एविएशन के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। भारत ने करीब 59 हजार करोड़ रुपये मूल्य पर 36 राफेल लड़ाकू जेट विमान खरीदने के लिए सितंबर, 2016 में फ्रांस के साथ अंतर-सरकारी समझौता किया था।
वैसे तो राजनाथ सिंह मंगलवार को 36 राफेल जेट विमानों में पहला विमान मंगलवार को प्राप्त कर लेंगे लेकिन चार विमानों की पहली खेप अगले साल मई तक ही भारत आएगी। सभी 36 राफेल जेट विमान सितंबर, 2022 तक भारत पहुंचने की संभावना है। उसके लिए भारतीय वायुसेना जरूरी बुनियादी ढांचा तैयारी करने और पायलटों को प्रशिक्षण देने समेत जरूरी तैयारियां कर रही है।