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बांग्लादेश में गहरा संकट: शेख हसीना ने ईद पर हिंसा, अर्थव्यवस्था और कानून-व्यवस्था पर चिंता जताई

Wed, 27 May 2026 04:37 PM IST
Sandhya Kumari न्यूज डेस्क, अमर उजाला

सार

शेख हसीना ने ईद-उल-अजहा पर बांग्लादेश के लोगों को शुभकामनाएं देते हुए देश में बढ़ती हिंसा, आर्थिक संकट और कानून-व्यवस्था की स्थिति पर चिंता जताई। अवामी लीग ने नेताओं, महिलाओं और बच्चों पर हमलों तथा राजनीतिक दमन का आरोप लगाया।
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शेख हसीना - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
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बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने ईद-उल-अजहा के अवसर पर देशवासियों को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि यह त्योहार ऐसे समय आया है जब देश गहरे संकट और कठिनाई का सामना कर रहा है। हसीना ने बांग्लादेश के लोगों के दर्द और पीड़ा पर गंभीर चिंता व्यक्त की।

अवामी लीग द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए गए एक बयान में हसीना ने ये बातें कहीं। उन्होंने बताया कि पिछले 21 महीनों से अवामी लीग के नेताओं और कार्यकर्ताओं को क्रूर हत्याओं, लगातार हमलों और झूठे मामलों का सामना करना पड़ा है। कई पार्टी सदस्य अभी भी जेल में बंद हैं। 

उन्होंने आगे कहा, केवल हमारा राजनीतिक परिवार ही नहीं, बल्कि देश के लोग भी भारी पीड़ा सह रहे हैं। पूर्व प्रधानमंत्री ने खसरा से सैकड़ों बच्चों की असामयिक मृत्यु, महिलाओं और बच्चों के खिलाफ हिंसा और बलात्कार का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था का पतन और तबाह हुई अर्थव्यवस्था ने देश को गहरे अंधकार की ओर धकेल दिया है। 

अवामी लीग की चिंताएं

पिछले सप्ताह अवामी लीग ने अपने नेताओं, कार्यकर्ताओं और उनके परिवारों पर हमलों पर गंभीर चिंता व्यक्त की थी। पार्टी ने चेतावनी दी कि इस मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की लगातार चुप्पी देश को और अधिक क्रूरता और लंबे समय तक राजनीतिक हिंसा की ओर धकेल सकती है। अवामी लीग के अनुसार, जमीनी स्थिति बताती है कि पार्टी से जुड़ा कोई भी व्यक्ति अब सुरक्षित नहीं है, भले ही उसने कोई गलत काम न किया हो।

महिलाओं और बच्चों के खिलाफ हिंसा

इस महीने की शुरुआत में पार्टी ने कहा था कि बांग्लादेश में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ हिंसा में चिंताजनक बढ़ोतरी हो रही है। अवामी लीग ने कहा कि देश भर में महिलाएं और बच्चे लगातार डर और असुरक्षा में जी रहे हैं। सार्वजनिक स्थानों और घरों दोनों में सुरक्षा अनिश्चित होती जा रही है। 

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