खैबर पख्तूनख्वा में सबसे ज्यादा आतंकी हमले हुए। यहां आतंकियों ने 50 हमले किए, जिसमें 71 लोगों की मौत हो गई और 85 घायल हुए। कुर्रम जिले में हुए आदिवासी संघर्षों में 120 से अधिक लोग मारे गए।
पाकिस्तान के सुरक्षा बलों के लिए नवंबर का महीना घातक महीनों में से एक रहा। इस महीने देश में आतंकी हमलों और मुठभेड़ में 68 सुरक्षा बलों समेत 245 लोगों की मौत हो गई। हताहतों में 127 आतंकी और 50 नागरिक शामिल हैं। आतंकी हमलों और हताहतों को देखते हुए अगस्त के बाद नवंबर को दूसरा सबसे घातक महीना माना गया। अगस्त में 92 नागरिकों, 108 आतंकियों और 54 सुरक्षा बलों के जवानों समेत 254 लोगों की मौत हुई थी। नवंबर में सबसे ज्यादा सुरक्षा कर्मियों की मौत दर्ज की गई है। इससे पहले अक्तूबर में 62 सुरक्षा कर्मियों की मौत हुई थी।
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पाकिस्तान में आतंकी हमलों में वृद्धि
बमबारी में 104 सुरक्षा कर्मियों और 119 नागरिकों समेत 257 लोग घायल हुए। यह आंकड़े हाल के दिनों में आतंकी हमलों में तेज वृद्धि को दर्शाता है। एक रिपोर्ट में बताया गया कि केवल आतंकी हमलों में 54 सुरक्षा कर्मियों, 50 नागरिकों और 27 आतंकियों समेत 131 लोगों की मौत हुई। नवंबर में आतंकी हमलों में वृद्धि हुई। अक्तूबर में 68 आतंकी हमले हुए थे, जबकि नवंबर में आतंकी हमले बढ़कर 71 हो गए।
खैबर पख्तूनख्वा में सबसे ज्यादा आतंकी हमले
खैबर पख्तूनख्वा में सबसे ज्यादा आतंकी हमले हुए। यहां आतंकियों ने 50 हमले किए, जिसमें 71 लोगों की मौत हो गई और 85 घायल हुए। कुर्रम जिले में हुए आदिवासी संघर्षों में 120 से अधिक लोग मारे गए। बलूचिस्तान में 20 आतंकी हमलों में 26 सुरक्षा कर्मियों, 25 नागरिकों और नौ आतंकियों समेत 60 लोगों की मौत दर्ज की गई।
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इन हमलों के कारण सुरक्षा बलों को बहुत नुकसान का सामना करना पड़ा। उनके 68 कर्मियों की मौत हो गई। 2024 में आतंकवादी-संबंधी मौतें 1,000 से अधिक हो गई। 11 महीनों में मरने वालों की संख्या 1,082 तक पहुंच गई। इस साल अब तक 856 आतंकवादी हमले हुए हैं, जबकि 2023 में 645 हमले हुए थे। यह हमले पाकिस्तान की बिगड़ती स्थिति को दर्शाते हैं।