ब्रिटेन की जेल में बंद अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम का पाकिस्तानी सहयोगी जाबिर मोती ने अमेरिका प्रत्यर्पित किए जाने से बचने के लिए कोर्ट में अजीबोगरीब दलीलें पेश की है। 51 वर्षीय मोती ने दावा किया कि वह तनाव से पीड़ित है और तीन बार खुदकुशी की कोशिश कर चुका है। इस वजह से उसे अमेरिका प्रत्यर्पित किया जाना दमनकारी होगा। मोती को दक्षिण पश्चिम लंदन स्थित वैंड्सवर्थ जेल में रखा गया है। इसी जेल में भारत का भगोड़ा हीरा कारोबारी नीरव मोदी भी बंद है।
मोती को स्कॉटलैंड यार्ड ने पिछले साल गिरफ्तार किया गया था। उसके खिलाफ वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट में सुनवाई चल रही है। अदालत में पेशी के दौरान मोती के वकीलों ने कहा कि उनका मुवक्किल अमेरिका प्रत्यर्पित किए जाने के लिए फिट नहीं है। अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई ने दाऊद के सहयोगी मोती पर मनी लॉन्ड्रिंग, आपराधिक साजिश, मादक पदार्थों की तस्करी और जबरन वसूली का आरोप लगाया है।
अमेरिकी सरकार की तरफ से कोर्ट में पेश हुए वकील जॉन हार्डी ने मोती के डी कंपनी के साथ रिश्तों के बारे में अदालत को बताया। इस दौरान मोती खुद अदालत में मौजूद था। मोती केवकील एडवर्ड फिटजेराल्ड ने कहा, ‘मोती की मानसिक हालत ठीक नहीं है और अगर उसे अमेरिका भेजा गया तो उसकी हालत खराब हो सकती है। वह 2008, 2011 और 2015 में आत्महत्या की कोशिश कर चुका है। 2008 से ही वह पाकिस्तान में मानसिक चिकित्सक की देखरेख में रहा है।’ दोनों पक्ष अदालत के सामने अपने अपने गवाह पेश करेंगे। कोर्ट में सुनवाई बुधवार तक चलेगी।