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David Nabarro: इबोला से लेकर कोरोना तक जंग का नेतृत्व करने वाले डॉक्टर का निधन, WHO प्रमुख ने दुख जताया

Sat, 26 Jul 2025 11:04 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, जिनेवा

सार

David Nabarro: ब्रिटिश डॉक्टर डेविड नाबैरो का 75 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है। उन्होंने बर्ड फ्लू, इबोला और कोरोना जैसी वैश्विक स्वास्थ्य आपात स्थितियों में संयुक्त राष्ट्र का नेतृत्व किया था। उन्हें स्वास्थ्य और भुखमरी के मुद्दों पर काम के लिए कई अंतरराष्ट्रीय सम्मान मिले थे। विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक टेड्रोस ने उनके निधन पर शोक जताया और उन्हें वैश्विक स्वास्थ्य का सच्चा पैरोकार बताया।
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ब्रिटिश डॉक्टर डेविड नाबैरो - फोटो : एक्स/डेविड नाबैरो
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विस्तार
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बर्ड फ्लू, इबोला और कोरोना महामारी जैसी बड़ी स्वास्थ्य आपात स्थितियों में संयुक्त राष्ट्र (यूएन) की तरफ से नेतृत्व करने वाले एक ब्रिटिश डॉक्टर डेविड नाबैरो का निधन हो गया है। वह 75 वर्ष के थे। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के महानिदेशक टेड्रोस अदनोम घेब्रेसियस ने यह जानकारी दी। 
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टेड्रोस ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा,  डेविड वैश्विक स्वास्थ्य और स्वास्थ्य समानता के बड़े पैरोकार थे। उन्होंने अनगिनत लोगों के स्वास्थ्य के लिए सलाह दी और मार्गदर्शन किया। उनका काम पूरी दुनिया में कई लोगों के जीवन को छू गया। 

साल 2023 में ब्रिटेन के किंग चार्ल्स तृतीय ने उन्हें वैश्विक स्वास्थ्य के क्षेत्र में योगदान के लिए ‘नाइटहुड’ की उपाधि से सम्मानित किया था। वह डब्ल्यूएचओ के कोविड-19 पर छह विशेष दूतों में से एक थे। उन्हें 2018 में 'वर्ल्ड फूड प्राइज' भी मिला था, जो उन्हें स्वास्थ्य और भुखमरी के मुद्दों पर किए गए कार्यों के लिए दिया गया। 
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नाबैरो साल 2017 में डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक पद के लिए उम्मीदवार भी थे, लेकिन अंतिम दौर में वे टेड्रोस से चुनाव हार गए। इसके बाद उन्होंने उसी साल यूएन छोड़ दिया था। साल 2003 में जब यूएन का मुख्यालय बगदाद (इराक) में बम धमाके में तबाह हुआ था, तब नाबैरो भी वहां मौजूद थे। उस हमले में 22 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें मानवाधिकार प्रमुख भी शामिल थे। दर्जनों लोग घायल हुए थे।

उस समय नाबैरो डब्ल्यूएचओ के वरिष्ठ निदेशकों में से एक थे और एक बैठक में थे, जब धमाका हुआ। उन्होंने जिनेवा में एक भावुक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था, अचानक एक तेज धमाका हुआ। वह उस समय अपना खून से सना हुआ नोटबुक साथ लिए हुए थे। उन्होंने बताया था, हमने फर्स्ट एड किट ढूंढे, पट्टियां निकालीं और घायलों को करवट देकर लिटाया। हम एक तरह से धुंध में काम कर रहे थे, चारों ओर चीख-पुकार और कराहने की आवाजें थीं। 

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स्विट्जरलैंड की 4एसडी फाउंडेशन ने कहा कि शुक्रवार को उनका अचानक निधन हो गया। फाउंडेशन ने कहा, डेविड की दरियादिली और दूसरों की जिंदगी बेहतर बनाने की उनकी प्रतिबद्धता हमेशा याद की जाएगी।

नाबैरो की करीबी दोस्त और फाउंडेशन की पूर्व संचार निदेशक थूय मायरन ने बताया कि उनकी उम्र 75 साल थी और उनका निधन फ्रांस के फर्ने-वोल्टेयर नामक शहर में उनके घर पर हुआ, जो जिनेवा के पास है। यह फाउंडेशन दुनिया में टिकाऊ विकास के लिए अगली पीढ़ी के नेताओं को तैयार करने का काम करता है। नाबैरो के परिवार में उनकी पत्नी फ्लो, पांच बच्चे और सात पोते-पोतियां हैं।

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