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श्रीलंका में चक्रवात 'दित्वाह': राहत कार्यों के लिए कोलंबो पहुंची एनडीआरएफ टीमें, ऑपरेशन सागर बंधु जारी

Sat, 29 Nov 2025 11:54 AM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला
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दित्वाह चक्रवाती तूफान। - फोटो : अमर उजाला
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श्रीलंका में चक्रवात 'दित्वाह' तबाही मचा रहा है। शनिवार को यह तूफान तमिलनाडु की तरफ बढ़ रहा है। चेन्नई के दक्षिण में चक्रवात दित्वाह 430 किलोमीटर की दूरी पर है। रविवार सुबह तक इसके उत्तरी तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के दक्षिणी तटवर्ती इलाकों में पहुंचने की आशंका है। बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पश्चिम में यह चक्रवात बड़ा नुकसान पहुंचा सकता है। राहत एवं बचाव कार्यों के लिए एनडीआरएफ को तैनात किया गया है। श्रीलंका में चक्रवात 'दित्वाह' के चलते जो नुकसान हुआ है, वहां पर भी राहत कार्यों के लिए एनडीआरएफ टीमें कोलंबो पहुंची हैं। एनडीआरएफ ने श्रीलंका में शुरु किए गए राहत एवं बचाव ऑपरेशन का नाम 'सागर बंधु' रखा है। 
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चक्रवात 'दित्वा' के मद्देनजर, ऑपरेशन सागर बंधु के तहत श्रीलंका में 80 बचावकर्मियों और 4 खोजी कुत्ते समेत एनडीआरएफ की दो टीमों ने राहत एवं बचाव कार्य शुरु कर दिया है। एनडीआरएफ की ये टीमें 8वीं बटालियन के कमांडेंट पीके तिवारी के नेतृत्व में कोलंबो पहुंची हैं। 

ये टीमें, विशेष एचएडीआर उपकरणों और राहत सामग्री के साथ, भारतीय वायुसेना के आईएल-76 विमान से हिंडन एयर बेस से कोलंबो के लिए रवाना हुईं। एनडीआरएफ की टीमों ने श्रीलंका के चक्रवात प्रभावित क्षेत्रों में खोज, बचाव और राहत कार्यों में सहायता देने का काम संभाल लिया है। इन टीमों के पास फुलाने योग्य नावें, हाइड्रोलिक कटिंग और ब्रीचिंग उपकरण, संचार उपकरण, चिकित्सा प्राथमिक चिकित्सा किट और अन्य आवश्यक बचाव सामग्री मौजूद है। 



भारत की यह अंतरराष्ट्रीय तैनाती एनडीआरएफ की घरेलू तैयारियों का पूरक है, जहां 14 टीमें तमिलनाडु के संवेदनशील तटीय जिलों विल्लुपुरम, चेंगलपट्टू, तिरुवल्लूर, नागपट्टिनम, तिरुवरुर, तंजावुर, पुदुक्कोट्टई और मयिलादुथुराई में तैनात हैं। एनडीआरएफ की अतिरिक्त टीमें पुदुचेरी के लिए निर्धारित की गई हैं। 5वीं बटालियन (पुणे) और 6वीं बटालियन (वडोदरा) से चेन्नई के लिए 10 और टीमें निर्धारित हैं। एनडीआरएफ मुख्यालय, घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निर्बाध प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए आईएमडी, एनडीएमए, राज्य प्रशासन, विदेश मंत्रालय और अन्य हितधारकों के साथ समन्वय में चौबीसों घंटे निगरानी जारी रख रहा है। 

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