यूरोप के कई बड़े हवाई अड्डों पर चेक-इन और बोर्डिंग सिस्टम को निशाना बनाते हुए साइबर हमले किए गए। इन हमलों के कारण शनिवार को सैकड़ों उड़ानों में देरी हुई, जिससे यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। इस तकनीकी समस्या के चलते यूरोप के प्रमुख हवाई अड्डों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई। कई हवाई अड्डों पर मैनुअल प्रक्रिया अपनाकर ही उड़ानों का संचालन जारी रखा गया।
ब्रुसेल्स एयरपोर्ट प्रशासन ने बताया कि शुक्रवार रात को उनके चेक-इन और बोर्डिंग सिस्टम के सेवा प्रदाता पर साइबर हमला हुआ। जिससे तकनीकी व्यवस्था बाधित हो गई। इस वजह से एयरपोर्ट पर मैनुअल चेक-इन और बोर्डिंग प्रक्रिया कराई गई। इसके चलते उड़ानों के समय में गड़बड़ी और देरी हुई। एयरपोर्ट प्रबंधन ने यात्रियों से धैर्य रखने और उड़ानों की स्थिति की निरंतर जांच करने की अपील की है।
ये भी पढ़ें:- Russia-Ukraine Conflict: रूस का यूक्रेन पर बड़ा हमला, नौ शहरों में मची तबाही; तीन की मौत, दर्जनों लोग घायल
बर्लिन और हीथ्रो एयरपोर्ट भी प्रभावित
जर्मनी के ब्रांडेनबर्ग एयरपोर्ट ने भी पुष्टि की है कि उनके सेवा प्रदाता के सिस्टम पर साइबर हमला हुआ है। इसके बाद सुरक्षा के मद्देनजर हवाई अड्डा प्रशासन ने अपने नेटवर्क कनेक्शन को अस्थायी रूप से काट दिया। वहीं लंदन के हीथ्रो हवाई अड्डे ने भी तकनीकी समस्या की बात कही है। हीथ्रो एयरपोर्ट के अनुसार, कॉलीन्स एयरोस्पेस कंपनी जो कई एयरलाइनों को चेक-इन और बोर्डिंग सिस्टम मुहैया कराती है। तकनीकी दिक्कतों का सामना कर रही है। इसके कारण उड़ानों में देरी हो रही है।
यात्रियों को सावधानी बरतने की सलाह
सभी हवाई अड्डों ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे अपनी उड़ानों का स्टेटस समय-समय पर ऑनलाइन जांचते रहें और आवश्यकतानुसार फ्लाइट के समय को ध्यान में रखकर यात्रा की योजना बनाएं। साथ ही हवाई अड्डा प्रबंधन ने यात्रियों को हुई असुविधा के लिए खेद जताया है और समस्या के समाधान के लिए काम जारी रखने का आश्वासन दिया।
ये भी पढ़ें:- Pakistan: अगर भारत हमला करता है तो क्या सऊदी अरब देगा साथ? पाकिस्तान के बड़बोले रक्षा मंत्री ने दिया ये जवाब
सुरक्षा और समाधान के प्रयास जारी
साइबर हमलों के कारण प्रभावित हवाई अड्डों ने अपने सुरक्षा प्रोटोकॉल को सख्त कर दिया है। कई जगह पर सिस्टम को अस्थायी रूप से ऑफलाइन कर दिया गया है। ताकि आगे के हमलों को रोका जा सके। विशेषज्ञ इस मामले की गंभीरता को लेकर अलर्ट मोड में हैं और सुरक्षा को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त कदम उठा रहे हैं।