रातों रात करोड़पति बनाने वाला बिटकॉइन कई निवेशकों की किस्मत पर ताला भी जड़ रहा है। इस क्रिप्टोकरंसी के डिजिटल वॉलेट का पासवर्ड भूलने के कारण 1650 करोड़ रुपये के मालिक होने के बाद भी लोग सड़क पर आ गए हैं।
क्रिप्टोकरंसी डाटा फर्म चाइनालिसिस के मुताबिक, इस वक्त दुनिया में करीब 1.85 करोड़ बिटकॉइन में से 20 फीसदी वॉलेट में फंसे हुए हैं। सैन फ्रांसिस्को में रह रहे कंप्यूटर प्रोग्रामर स्टीफन थॉमस के पास 22 करोड़ डॉलर के बिटकॉइन हैं।
दुर्भाग्य से वह अपनी उस हार्ड ड्राइव (आयरन-की) का पासवर्ड भूल चुके हैं। जिनमें उनके डिजिटल वॉलेट की निजी कुंजियां (की) छिपी हैं। आयरन की अनलॉक करने के दस अवसर ही मिलते हैं।
थॉमस आठ बार कोशिशें कर चुके हैं और अब उनके 7002 बिटकॉइन तक पहुंचने के सिर्फ दो ही मौके बचे हैं। थॉमस कहते हैं कि उनकी आंखों के सामने दिन रात, सोते -जागते सिर्फ संभावित पासवर्ड की कुंजियां ही चलती रहती हैं।
वहीं लॉस एंजोलिस में उद्यमी ब्रैड यासर बताते हैं मैंने कई साल से अपने डिजिटल वॉलेट का खोया पासवर्ड पाने के लिए सैकड़ों घंटे खर्च कर दिए, लेकिन सफलता नहीं मिली। इनमें रखे हजारों बिटकॉइनों की कीमत आज करोड़ों डॉलर हो गई है। हताशा से भरे यासर का कहना है अगर पासवर्ड याद होता तो आज मेरे पास सैकड़ों गुना पैसा होता।
पेचीदा एलगोरिदम ने बढ़ाई मुश्किलें
बिटकॉइन का साफ्टवेयर पेचीदा एलगोरिदम पर काम करता है। इससे हर एक निवेशक का एक पता और निजी की तैयार होती है जो सिर्फ वॉलेट बनाने वाला ही जानता है। इस सिस्टम के जरिए कोई भी व्यक्ति वित्तीय संस्थान के पास बिना पंजीयन या पहचान जांच के ही बिटकॉइन का मालिक बन सकता है।