अफ्रीका महाद्वीप के लिए कोविड-19 टीके हासिल करने के प्रयासों का नेतृत्व कर रहे अफ्रीकी संघ के विशेष दूत स्ट्राइव मसीयीवा ने यूरोप की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि महामारी की तीसरी लहर के जोर पकड़ने के बीच उनका महाद्वीप टीकाकरण को लेकर संघर्ष कर रहा है। मसीयीवा ने कहा कि यूरोपीय फैक्टरी ने 'एक भी खुराक, एक भी शीशी अफ्रीका के लिए नहीं छोड़ी है।'
अफ्रीकी विशेष दूत ने निम्न एवं मध्यम आय वाले देशों को टीका वितरित करने की वैश्विक कोशिश को भी निशाना बनाते हुए कहा कि 'कोवैक्स' ने महत्वूपर्ण सूचना दबा कर रखी, जिसमें यह भी शामिल है कि मुख्य दानदाताओं ने कोष उपलब्ध कराने के वादे को पूरा नहीं किया है। बता दें, कोवैक्स विश्व को न्यायसंगत तरीके से टीके उपलब्ध कराने की एक वैश्विक पहल है।
मसीयीवा ने संवाददाताओं से कहा कि यदि अफ्रीकी देश यह जानते तो हमने कोई दूसरा कदम उठाया होता। कई देश महज यह कह रहे हैं कि टीके आ रहे हैं...हम अफ्रीकी हताश है। ’’
तीसरी लहर का सामना कर रहे 1.3 अरब लोग : नेंनासोंग
रोग नियंत्रण एवं रोकथाम के लिए अफ्रीकी केंद्र के प्रमुख जॉन नेंगासोंग ने संवाददाताओं से कहा, 'अफ्रीका महाद्वीप के 1.3 अरब लोग अब तीसरी लहर का सामना कर रहे हैं, जो अत्यधिक आक्रामक है।' उन्होंने कहा कि अफ्रीकी आबादी के मात्र एक प्रतिशत हिस्से का कोविड-19 का पूर्ण टीकाकरण हुआ है।
दिसंबर तक 70 करोड़ खुराक का वादा किया, मिलीं 6.5 करोड़
मसीयीवा ने कहा कि कोवैक्स ने दिसंबर तक अफ्रीका को 70 करोड़ खुराक की आपूर्ति करने का वादा किया था, लेकिन साल के मध्य तक अफ्रीका को महज 6.5 करोड़ खुराक ही मिली है। कोवैक्स के मार्फत पांच करोड़ से भी कम खुराक आई है। हालांकि, दोनों ने घोषणा की कि अमेरिकी सहायता से जॉनसन एंड जॉनसन और फाइजर टीकों की पहली खेप अगले हफ्ते आ रही है।
55 लाख संक्रमित, मृत्युद दर 23 फीसदी बढ़ी
अफ्रीका सीडीसी निदेशक ने कहा कि अफ्रीका महाद्वीप में 55 लाख लोग वायरस से संक्रमित हुए हैं और पिछले हफ्ते मृत्यु दर में 23 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।