कश्मीर पर लगातार पाकिस्तान को खुलकर समर्थन देने वाले दुनिया के सबसे बुजुर्ग मलयेशियाई प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद ने इस्तीफा दे दिया है। महातिर ने अपना इस्तीफा वहां के राजा को सौंप दिया है। माना जा रहा है कि 2018 में मलयेशिया के पीएम बने महातिर ने इस्तीफा इसलिए दिया क्योंकि उनकी पार्टी बेरास्तु ने साझा सरकार का गठबंधन तोड़ दिया है।
विश्व के सबसे उम्रदराज नेता 94 वर्षीय महातिर मोहम्मद ने उनके राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों द्वारा सरकार गिराने और पीएम बनने जा रहे अनवर इब्राहिम को पद भार संभालने से रोकने की कोशिशों के बाद यह फैसला लिया। इस कदम से पहले 24 घंटे तक सियासी नाटक चला जिसमें ‘पैक्ट ऑफ होप’ गठबंधन के प्रतिद्वंद्वी और विपक्षी नेता अनवर खुद को नई सरकार बनाने की कोशिश में नजर आए।
2018 में ऐतिहासिक रूप से जीता यह गठबंधन महातिर के संभावित उत्तराधिकारी अनवर को बाहर करने की योजना में जुटा था। गठबंधन की सहयोगी पार्टी के अधिकांश सांसद कभी भी अनवर के प्रधानमंत्री बनने की राह में रोड़े अटका सकते थे। हालांकि अनवर अब राजा से मुलाकात कर अपने पास पर्याप्त सांसदों के समर्थन का भरोसा दिलाने की कोशिश करेंगे। बता दें कि राजा की भूमिका भले ही रस्मी है लेकिन पीएम की नियुक्ति वहीं करते हैं।
इसलिए दिया इस्तीफा
एक हफ्ते से मलयेशिया में जारी सियासी अस्थिरता के बीच रविवार को रिपोर्ट आई कि महातिर की पार्टी नई सरकार का गठन कर रही है जिसमें उनके द्वारा चुने गए उत्तराधिकारी अनवर इब्राहिम को शामिल नहीं किया जाएगा। जबकि 2018 में महातिर ने अनवर के साथ मिलकर सरकार बनाते वक्त कहा था कि वे कुछ साल बाद उन्हें सत्ता सौंप देंगे। रविवार को अनवर ने महातिर की पार्टी पर धोखेबाजी का आरोप लगाया।
शत्रु से हाथ मिलाकर पीएम बने थे महातिर
अनवर और महातिर के बीच संबंध अच्छे नहीं थे। मलयेशिया में इन दोनों की पार्टियों के बीच संघर्ष का लंबा इतिहास रहा है, लेकिन 2018 के चुनावों से पहले उनमें मित्रता हो गई थी। महातिर ने उनके पूर्व दुश्मन को सत्ता सौंपने की बात कई बार दोहराई थी। महातिर ने 2018 में अपने पुराने सियासी साथी नजीब रज्जाक को भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर चुनाव जीता और अनवर से हाथ मिलाकर पीएम बने।
भारत से रिश्तों में आई दरार
कश्मीर पर महातिर मोहम्मद के विरोधी रुख के चलते भारत ने पाम तेल का मलयेशिया से आयात बंद किया और वहां के कारोबार को सबसे बड़ी चोट पहुंचाई। इससे मलयेशिया में जबरदस्त आर्थिक संकट छा गया। जबकि दूसरी तरफ पाकिस्तानी पीएम इमरान के साथ उनकी दोस्ती बढ़ गई और भारत-मलयेशिया के रिश्तों में दरार आ गई।