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Iran: 'आपराधिक बर्ताव', परमाणु ठिकानों पर अमेरिकी हमले के बाद ईरान की ट्रंप को गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी

Sun, 22 Jun 2025 10:18 AM IST
अभिषेक दीक्षित वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेहरान

सार

अमेरिकी सेना ने पहले ईरान के फोर्डो, इस्फहान और नतांज परमाणु ठिकानों पर हमले किए थे। इसके साथ ही ईरान के खिलाफ लड़ाई में अमेरिका इस्राइल के साथ उतर गया है। इस्राइल का मकसाद ईरान के परमाणु कार्यक्रम को नष्ट करना है, ताकि व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष की आशंकाओं के बावजूद एक लंबे समय से चले आ रहे दुश्मन को कमजोर किया जा सके।
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Seyed Abbas Araghchi - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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ईरान के विदेश मंत्री सईद अब्बास अराघची ने रविवार को ईरान की परमाणु सुविधाओं पर हवाई हमले करने के लिए अमेरिका की निंदा की और इसे अंतरराष्ट्रीय कानून, संयुक्त राष्ट्र चार्टर और परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) का गंभीर उल्लंघन बताया। 'एक्स' पर पोस्ट किए गए कड़े शब्दों वाले बयान में अराघची ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य अमेरिका पर शांतिपूर्ण परमाणु प्रतिष्ठानों को निशाना बनाकर आपराधिक व्यवहार करने का आरोप लगाया।

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'संयुक्त राष्ट्र के प्रत्येक सदस्य को चिंतित होना चाहिए'
ईरानी विदेश मंत्री ने एक पोस्ट में कहा, ' आज सुबह की घटनाएं अपमानजनक हैं। इसके अनंत परिणाम होंगे। संयुक्त राष्ट्र के प्रत्येक सदस्य को इस बेहद खतरनाक, कानूनविरोधी और आपराधिक व्यवहार से चिंतित होना चाहिए।' वैश्विक समुदाय से इस पर ध्यान देने का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि वाशिंगटन की ओर से की गई खतरनाक और कानूनविहीन कार्रवाइयों से संयुक्त राष्ट्र के प्रत्येक सदस्य को चिंतित होना चाहिए।
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'ईरान के पास आत्मरक्षा का अधिकार'
संयुक्त राष्ट्र चार्टर के तहत प्रावधानों का हवाला देते हुए अराघची ने यह भी कहा कि ईरान के पास आत्मरक्षा का अधिकार है। वह इसके प्रयोग के लिए स्वतंत्र है। ईरान के पास ऐसे सभी विकल्प सुरक्षित हैं। पोस्ट में कहा गया कि संयुक्त राष्ट्र चार्टर और इसके प्रावधानों के अनुसार जो आत्मरक्षा में वैध प्रतिक्रिया की अनुमति देते हैं, ईरान अपनी संप्रभुता, हित और लोगों की रक्षा के लिए सभी विकल्प सुरक्षित रखता है। यह बयान अमेरिकी सैन्य अभियान के बाद आया है, जिसमें कल रात तीन प्रमुख ईरानी परमाणु ठिकानों फोर्डो, नतांज और इस्फाहान को निशाना बनाया गया।



संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपातकालीन बैठक बुलाने की मांग
संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत ने रविवार को ईरान के खिलाफ किए गए घृणित हमलों और बल के अवैध उपयोग के लिए सुरक्षा परिषद की आपातकालीन बैठक बुलाने की मांग की। राजदूत आमिर सईद इरावानी ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के सबसे शक्तिशाली निकाय को अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के तहत अमेरिका को जवाबदेह ठहराने के लिए सभी आवश्यक उपाय करने चाहिए। इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान इन बेवजह और पूर्व नियोजित आक्रामक कृत्यों की कड़ी निंदा करता है, जो 13 जून को इस्राइल की ओर से ईरान के शांतिपूर्ण परमाणु स्थलों और सुविधाओं के खिलाफ बड़े पैमाने पर सैन्य हमले के बाद हुए हैं।



ईरान के खिलाफ इस्राइली हमलों में शामिल हुआ अमेरिका
इससे पहले अमेरिका ईरान के खिलाफ इस्राइली हमलों में शामिल हो गया था। उसने तीन परमाणु स्थलों को निशाना बनाया था। यह कदम अमेरिका द्वारा गुआम में कई बी-2 स्टील्थ बॉम्बर जेट भेजने के बाद उठाया गया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के फोर्डो, नतांज और इस्फहान परमाणु स्थलों पर हमलों की पुष्टि की।

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