बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के कानूनी सलाहकार आसिफ नजरूल ने कहा कि हम एक कानून बनाने की योजना बना रहे हैं। इसके तहत पुलिस को दुष्कर्म के मामलों की जांच 15 दिन और सुनवाई 90 दिनों में पूरी करनी होगी। 90 दिन में सुनवाई पूरी नहीं होने के बहाने आरोपी को जमानत नहीं दी जा सकती।
बांग्लादेश में महिलाओं से दुष्कर्म और हमले की बढ़ती घटनाओं को रोकने के लिए अंतरिम सरकार ने कड़ा कदम उठाया है। सरकार ने घटनाओं की जांच में तेजी लाने की बात कही है। बांग्लादेश में महिला अपराधों में वृद्धि के कारण जगह-जगह प्रदर्शन हो रहे हैं।
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बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के कानूनी सलाहकार आसिफ नजरूल ने कहा कि हम एक कानून बनाने की योजना बना रहे हैं। इसके तहत पुलिस को दुष्कर्म के मामलों की जांच 15 दिन और सुनवाई 90 दिनों में पूरी करनी होगी। 90 दिन में सुनवाई पूरी नहीं होने के बहाने आरोपी को जमानत नहीं दी जा सकती। अगर प्रशासन की ओर से कोई लापरवाही बरती जाती है, तो कानून में सजा के लिए विशेष प्रावधान जोड़े जाएंगे।
बांग्लादेश में मौजूदा कानून के अनुसार दुष्कर्म के मामलों की जांच 30 दिनों में पूरी होनी चाहिए और 180 दिनों में मुकदमा पूरा होना चाहिए। कानून में कहा गया है कि बलात्कारियों को अधिकतम सजा के रूप में मौत की सजा दी जा सकती है। कानूनी सलाहकार नजरुल ने कहा कि डीएनए प्रमाणपत्र प्राप्त करने से दुष्कर्म के मामलों की सुनवाई में देरी हो सकती है। इसलिए अंतरिम सरकार हर जिले में डीएनए फोरेंसिक लैब स्थापित करने के लिए कदम उठाएगी। रविवार को बांग्लादेश में महिलाओं के खिलाफ यौन उत्पीड़न की हालिया घटनाओं के खिलाफ आम नागरिकों, छात्रों और महिलाओं द्वारा देशव्यापी विरोध प्रदर्शन देखा गया।
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बांग्लादेश में महिला अपराधों में इजाफा
बांग्लादेश में महिला अपराधों में इजाफा हुआ है। तीन दिन पहले पश्चिमी मगुरा में आठ साल की एक लड़की के साथ उसकी बहन के ससुर ने दुष्कर्म किया था। इससे पहले ढाका में सार्वजनिक रूप से धूम्रपान करने पर दो महिलाओं पर हमला किया गया। इसे लेकर लोगों में आक्रोश फैल गया। गृह सलाहकार सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल जहांगीर आलम चौधरी ने कहा था कि मैंने कानून प्रवर्तन एजेंसियों से बच्चों और महिलाओं के बलात्कार सहित सभी प्रकार की हिंसा के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को कहा है। अब तक हुई हिंसा की ऐसी घटनाओं को सूचीबद्ध करने के आदेश जारी किए गए हैं।