इंडोनेशिया में हाल ही में दुर्घटनाग्रस्त हुए लॉयन एयर के विमान के पायलटों ने विमान को नियंत्रित करने की काफी कोशिश की थी क्योंकि विमान की स्वचालित सुरक्षा प्रणाली उसे लगातार नीचे ले जा रही थी। विमान के ब्लैक बॉक्स डाटा से यह बात सामने आई है। इंडोनेशिया के अधिकारियों ने पिछले माह हुई दुर्घटना की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में यह जानकारी दी है।
जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या सेंसर से गलत सूचना मिलने के कारण विमान दुर्घटना हुई। बोइंग 737 एमएएक्स 8 जावा समुद्र में 29 अक्टूबर को गिर गया था, जिससे इसमें सवार सभी 189 लोग मारे गए थे। लॉयन एयर जेट के फ्लाइट डाटा रिकॉर्ड से मिली जानकारी को इंडोनेशियाई संसद में भी बताया गया था। अधिकारियों को यह जानकारी बुधवार को जारी करनी थी।
उड़ान भरने के केवल 13 मिनट बाद हुआ था हादसा
बता दें कि इंडोनेशिया की लॉयन एयर का बोइंग-737 मैक्स-8 विमान 29 अक्तूबर को 188 यात्रियों और 8 क्रू सदस्यों के साथ जकार्ता के सोकार्णो हाता इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ान भरने के महज 13 मिनट बाद तकनीकी खराबी के चलते जावा द्वीप के करीब समुद्र में गिर गया था।
इस हादसे में विमान में सवार सभी लोगों की मौत हो गई थी। जांच में सामने आया था कि क्रैश से पहले पायलटों ने तकनीकी खराबी बताते हुए एयरपोर्ट पर वापस लौटने की अनुमति मांगी थी। लेकिन इसके बाद उनका संपर्क टूट गया था और विमान क्रैश हो गया था। संपर्क टूटने के समय विमान करीब 5000 फीट की ऊंचाई पर उड़ रहा था।