पाकिस्तान ने रणनीतिक ग्वादर बंदरगाह और इसके मुक्त क्षेत्र में कार्यरत चीन की कंपनियों को 23 साल के लिए आयकर मुक्त करने का फैसला किया है। इसके साथ ही इन कंपनियों को बिक्री कर और कस्टम ड्यूटी में भी छूट मिलेगी। पाकिस्तान ने इसके लिए चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा प्राधिकरण और कर कानून में संशोधन के लिए दो अध्यादेश जारी किए हैं।
पाकिस्तान का कहना है यह फैसला इसलिए लिया गया है क्योंकि चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे के निर्माण के लिए दोनों देशों ने अपने प्रयास तेज किए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अलवी ने गत सोमवार चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा प्राधिकरण और कर कानून में संशोधन के लिए दोनों अध्यादेशों पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। बता दें कि फिलहाल नकदी संकट से जूझ रहे पाकिस्तान में निवेश लाने के लिए प्रधानमंत्री इमरान खान चीनी नेतृत्व से बात करने के लिए बीजिंग गए हैं।
सात वर्षों में पाकिस्तान में होंगी 47,000 नौकरियां
पाकिस्तान के सामरिक ग्वादर पोर्ट और शेष बलूचिस्तान प्रांत में इसके मुक्त क्षेत्र के चीनी ऑपरेटर राष्ट्रीय आर्थिक उत्पादन में निवेश के जरिए सबसे बड़ा योगदान देकर आने वाले सात वर्षों में 47,000 नौकरियां लाने का प्रयास करेंगे। ‘द एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन सरकार की ओवरसीज पोर्ट होल्डिंग कंपनी (सीओपीएचसी) ग्वादर के अध्यक्ष झांग बाओहोंग ने मंगलवार को कहा कि पाकिस्तान सरकार की ओर से 23 साल तक आयकर, बिक्री कर और सीमा शुल्क में छूट मिलेगी। वर्तमान में कराची राष्ट्रीय आर्थिक उत्पादन में सबसे बड़ा योगदानकर्ता रहा है।