चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के नजरबंद होने की अटकलों के बीच वहां अगले महीने होने वाली 20वीं सीपीसी राष्ट्रीय कांग्रेस से जुड़ा बड़ा अपडेट सामने आया है। चीन की कम्युनिस्ट पार्टी ने कहा है कि अगले महीने होने वाली पार्टी की 20वीं कांग्रेस राष्ट्रपति शी जिनपिंग द्वारा तय किए गए दिशा-निर्देशों के मुताबिक ही होगी। सीपीसी ने कहा है कि हर पांच साल में एक बार होने वाली इस कांग्रेस में लगभग 2,300 प्रतिनिधियों को निर्वाचित किया जाएगा। गौरतलब है कि इस कांग्रेस में राष्ट्रपति शी जिनपिंग को रिकॉर्ड तीसरे कार्यकाल के लिए व्यापक रूप से समर्थन मिलने की उम्मीद है।
सीपीसी के भीतर तनाव की अटकलों को किया खारिज
चीन की सरकारी मीडिया ने पार्टी के एक बयान का हवाला देते हुए बताया कि 16 अक्टूबर को होने वाली सीपीसी की आगामी 20वीं राष्ट्रीय कांग्रेस में भाग लेने के लिए कुल 2,296 प्रतिनिधियों को निर्वाचित किया गया था। जिनपिंग के तीसरे कार्यकाल के लिए निर्वाचित होने को लेकर सत्तारूढ़ दल के भीतर तनाव की अफवाहों और अटकलों को खारिज करते हुए, बयान में कहा गया है कि इन प्रतिनिधियों को समाजवाद पर शी जिनपिंग थॉट के मार्गदर्शन में चुना गया था। गौरतलब है कि शी जिनपिंग खुद इस साल अप्रैल में कांग्रेस के प्रतिनिधि के रूप में निर्वाचित हुए थे।
सीपीसी की कांग्रेस को लेकर प्रतिनिधियों के चुनाव की प्रक्रिया से पार्टी की प्रकृति और उद्देश्य स्थिर बने रहे। इससे इस बात का भी पता चलता है कि पार्टी के भीतर लोकतंत्र को पूरी तरह से मूर्त रूप दिया गया है।
गौरतलब है कि सीपीसी हर पांच साल में एक कांग्रेस का आयोजन करती है। लेकिन इस साल अगले महीने में होने वाली कांग्रेस को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसमें चीन की कम्युनिस्ट पार्टी में नेतृत्व परिवर्तन होगा। वहीं, कहा ये भी जा रहा है कि शी जिनपिंग एक बार फिर अपने कार्यकाल का विस्तार कर सकते हैं। पार्टी, सेना और प्रेसीडेंसी के प्रमुख शी जिनपिंग इस साल अपना 10 साल का कार्यकाल पूरा कर रहे हैं।
जिनपिंग ने सत्ता पर पकड़ मजबूत की
2012 के अंत में एक समान सीपीसी कांग्रेस में अपने पहले चुनाव के बाद से शी जिनपिंग ने पार्टी का नेतृत्व किया है। पार्टी प्रमुख, शक्तिशाली सेनाध्यक्ष और राष्ट्रपति पद संभालने के साथ ही शी जिनपिंग ने सत्ता पर अपनी पकड़ मजबूत की है। उनकी मौजूदगी ने कई मुद्दों पर देश के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों के बीच पार्टी और देश की स्थिरता को मजबूत करने के लिए मजबूत नेतृत्व के महत्व को भी सामने रखा।
भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई
उनके कार्यकाल में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई जैसे अत्यधिक सफल अभियानों के साथ एक लाख से अधिक अधिकारियों को दंडित करना जैसे कार्यक्रम चलाए गए जिसमें सेना के 50 से अधिक शीर्ष जनरल भी शामिल हैं। इसके अलावा राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के साथ हांगकांग में बड़े पैमाने पर चीन विरोधी आंदोलन से निपटना और इससे उत्पन्न अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों से सामना करना भी अहम रहा। वुहान से कोरोना वायरस महामारी उभरने के बीच जिनपिंग हर साल मजबूत होकर उभरे हैं।
माओत्से तुंग के समान एक प्रमुख नेता के रूप में उभरे
वह पार्टी के संस्थापक माओत्से तुंग के समान एक प्रमुख नेता के रूप में उभरे हैं, जो 1976 में अपनी मृत्यु तक सत्ता में रहे। इस साल जिनपिंग का 10 साल का कार्यकाल पूरा हो रहा है। उनके सभी पूर्ववर्ती पांच साल के दो कार्यकाल के बाद सेवानिवृत्त हुए। एक प्रमुख नेता के रूप में वह अगले पांच साल के कार्यकाल के लिए और शायद जीवन पर्यंत सत्ता में बने रहेंगे।