ब्रिटेन के ऑफिस फॉर नेशनल स्टैटिस्टिक्स ने गणना की है कि कोविड-19 संक्रमण की चपेट में आने वाले सात लोगों में से एक को कम से कम 12 सप्ताह तक चलने वाले लगातार लक्षणों का अनुभव होगा। उनका अनुमान है कि वर्तमान में ब्रिटेन में लगभग दस लाख लोग लंबे समय से कोविड के साथ जी रहे हैं, और उनमें से 40 फीसदी लोग एक वर्ष से अधिक समय से इस स्थिति के साथ जी रहे हैं। दीर्घ कोविड के परिणामस्वरूप दो-तिहाई लोगों की दिन-प्रतिदिन की गतिविधियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा, जबकि 18 फीसदी में वह बहुत सीमित रहा।
बच्चों के कोविड-19 से मरने की संभावना हालांकि बहुत कम है, राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय का अनुमान है कि संक्रमित होने वाले सात से आठ फीसदी बच्चे और किशोर दीर्घ कोविड के शिकार हो सकते हैं। उनका अनुमान है कि यूके में 10,000 बच्चे और 16,000 किशोर कम से कम 12 सप्ताह से दीर्घ कोविड के साथ रह रहे हैं। यह समस्या इतनी आम हो चुकी है कि ब्रिटेन की राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा बच्चों के लिए 15 दीर्घ कोविड क्लीनिक खोल रही है।
कोविड-19 इन्फ्लूएंजा से एक बहुत ही अलग बीमारी है, और हमारी फिर से खोलने की योजना को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि यह ऑस्ट्रेलिया में पैर जमाने न पाए। अन्यथा इसकी भारी आर्थिक और सामाजिक कीमत चुकानी होगी, क्योंकि इससे बड़ी संख्या में लोगों को स्वास्थ्य समस्याओं से जूझना पड़ सकता है। हम टीकाकरण के माध्यम से पहले सामूहिक प्रतिरक्षा तक पहुंचकर सुरक्षित रूप से फिर से खोलने की दिशा में काम कर सकते हैं।
डेल्टा वेरिएंट जैसे अधिक संचारणीय स्वरूप के सामने आने के बाद हमें सामूहिक प्रतिरक्षा प्राप्त करने के लिए 90 फीसदी से अधिक आबादी का टीकाकरण करने की आवश्यकता होगी। यह एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य है, लेकिन हम बचपन में खसरे के नियमित टीकाकरण के हिस्से के रूप में पहले ऐसा कर चुके हैं। उस लक्ष्य तक पहुंचने के लिए, हमें उन बच्चों और किशोरों को टीकाकरण की पेशकश करनी होगी, जिन्हें लंबे समय तक कोविड से सुरक्षा की भी आवश्यकता होती है।
कुछ लोगों ने सुझाव दिया है कि वयस्कों का टीकाकरण सामूहिक प्रतिरक्षा तक पहुंचने के लिए पर्याप्त हो सकता है, लेकिन इस्राइल ने हमें दिखाया है कि ऐसा नहीं है। स्कूलों से जुड़े नए प्रकोपों ने देश में मास्क की अनिवार्यता को वापस लाने और किशोरों में टीकाकरण को बढ़ाने के लिए मजबूर किया है।
ऑस्ट्रेलिया में सामूहिक रोग प्रतिरोधक क्षमता हासिल करने में समय लगेगा। इसलिए जब तक हम काम पूरा नहीं कर लेते, तब तक हमें एक मजबूत पृथकवास प्रणाली रखने की आवश्यकता होगी। हमें विदेशों में भी स्थिति को करीब से देखने की जरूरत होगी और उभरते हुए वेरिएंट के जवाब में तीसरी बूस्टर खुराक शुरू करने के लिए तैयार रहना होगा।
हमें एस्ट्राजेनेका वैक्सीन प्राप्त करने वाले लोगों को फाइजर वैक्सीन की तीसरी बूस्टर खुराक देने के लिए भी तैयार रहना चाहिए, जब आपूर्ति उपलब्ध हो। जबकि एस्ट्राजेनेका और फाइजर दोनों टीके गंभीर बीमारी को रोकने में 90 फीसदी से अधिक प्रभावी हैं, एस्ट्राजेनेका वैक्सीन समग्र रूप से संक्रमण को रोकने में थोड़ा कम प्रभावी है।
हम नहीं जानते कि दोनों में से कोई भी टीका लंबे समय तक चलने वाले कोविड को कितनी अच्छी तरह रोकता है, लेकिन फिर से, सबसे अच्छा बचाव समुदाय में उच्च स्तर का टीकाकरण होगा। अनिवार्य रूप से, ऑस्ट्रेलिया भविष्य में कोविड-19 के प्रकोपों का अनुभव करेगा, जैसा कि हम कभी-कभी खसरे का करते हैं। लेकिन हमें इसके संचरण को कम से कम रखने पर ध्यान देना होगा।
कोरोनावायरस एक हवा से फैलने वाल वायरस है जो इन्फ्लूएंजा की तुलना में अधिक संक्रामक है, और अधिक गंभीर बीमारी का कारण बनता है। यह फ्लू जैसी बीमारी नहीं है और कभी होगी भी नहीं।