रूस में आखिर क्यों कम हैं आंकडे़
चीन के बाद कोरोना से सबसे ज्यादा कहर यूरोप और अमेरिका में डाला है। ये देश दो महीने से ज्यादा से इसकी मार झेल रहे हैं। वहीं, रूस में एक महीने में इसका असर दिखा है। इसके बावजूद रूस ने मौत के आंकड़ों पर नियंत्रण कर रखा है। रूसी स्वास्थ्य मंत्रालय में संक्रामक रोग की विभाग की प्रमुख डॉ.एलिना मैलनिकोवा के मुताबिक लोगों में संक्रमण का सही समय पर पता चलने और इलाज होने के कारण मृत्युदर कम है। रूस में जैसे ही कोई लक्षण दिख रहा है लोग सीधे डॉक्टर के पास जाते हैं। बकौल एलिना सही समय पर इलाज मिलने से मौत कम हो रही है।
जहां जांच ज्यादा, वहां मौत की दर कम
रूस में संक्रमण के जितने मामले मिले हैं उनमें से 60 फीसदी से ज्यादा राजधानी मास्को में हैं। मौत की दर कम होने का बड़ा कारण रूस में हो रही जांच की संख्या भी है। रूस में प्रति दस लाख की आबादी पर करीब 42,500 लोगों की जांच हुई है। वहीं, ब्राजील में यह आंकड़ा सिर्फ़ 3,459 है। जबकि अमेरिका में 31,027 लोगों की जांच हुई है। टॉप 10 प्रभावित देशों में सिर्फ ब्रिटेन (45,246) और स्पेन (52,781) ही हैं जहां प्रति 10 लाख लोगों पर रूस से ज्यादा जांच की गई है। यही नहीं, स्विटजरलैंड और जर्मनी जैसे देशों में जहां जांच दर अधिक रही वहां मृत्युदर कम रही। दरअसल, शुरुआती दौर में ही मरीज की पहचान हो जाने से सही समय पर इलाज से इस पर नियंत्रण रहा।