दुनिया भर में कोरोना के टीके पर काम चल रहा है। रूस, ब्रिटेन और अमेरिका समेत कई देशों में टीकाकरण शुरू हो गया है। अमेरिका के अलास्का में फाइजर कंपनी का कोरोना टीका लगवाते ही दो लोगों की तबीयत बिगड़ गई, जिसके कारण उन्हें तुरंत अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराना पड़ा। इससे पहले, ब्रिटेन में भी इसके दुष्प्रभाव के मामले सामने आ चुके हैं।
ताजा मामला अलास्का स्थित एक अस्पताल के दो कर्मचारियों (एक पुरुष और एक महिला) का है, जिन्हें इस हफ्ते टीका लगाया गया। बार्टलेट रीजनल अस्पताल में करीब 50 वर्षीय महिला को मंगलवार को टीका लगाया गया, लेकिन 10 मिनट के अंदर उसे एलर्जी होने लगी। उसके चेहरे और बदन पर चक्कते उभर गए, सांस फूलने लगी और दिल की धड़कन बहुत तेज हो गई। उसे गंभीर एलर्जी के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवा एपिनेफ्रीन दी गई, लेकिन दवा खाने के कुछ देर बाद फिर वही समस्या शुरू हो गई।
इसके कारण महिला को आईसीयू में भर्ती करना पड़ा और उसे दो दिन बाद गुरुवार को अस्पताल से छुट्टी मिली। खास बात यह है कि इससे पहले महिला को कभी किसी चीज से एलर्जी नहीं हुई थी। इसी तरह बुधवार को टीका लगवाने वाले पुरुष कर्मचारी को भी 10 मिनट के अंदर टीके के दुष्प्रभाव से जूझना पड़ा। उसे आंखों में सूजन और गले में खरास का सामना करना पड़ा। आपातकालीन कक्ष में ले जाकर उसका एपिनेफ्रीन, पेप्सीड और बेनाड्रील के साथ इलाज किया गया। एक घंटे के भीतर उसकी हालत सामान्य हो गई।
अमेरिका के विशेषज्ञ डॉ. पॉल ए ऑफिट ने कहा टीकाकरण के समय सावधानियों का बरतना जरूरी है। उन्होंने कहा कि टीका लगवाने वाले लोगों को 15 मिनट तक केंद्र पर रोके रहना जरूरी ताकि दुष्प्रभाव की स्थिति में उनका तुरंत इलाज हो सके। फाइजर कंपनी के प्रवक्ता जेरिका पिट्स ने कहा कि अलास्का मामले में कंपनी को अभी पूरा ब्योरा नहीं मिला है। इसके पहले कंपनी ने ब्रिटेन में उसके टीके के दुष्प्रभाव से जूझने वाले दो लोगों के बारे में कहा था कि उन्हें एलर्जी की पुरानी बीमारी थी।
हालांकि, स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि इससे अमेरिका के टीकाकरण कार्यक्रम पर कोई असर नहीं पड़ेगा।