Milorad Dodik: बोस्निया की अदालत ने राष्ट्रपति मिलोरेड डोडिक को उनकी अलगाववादी गतिविधियों के कारण एक साल की सजा सुनाई और उन्हें छह साल तक राजनीति से प्रतिबंधित कर दिया। डोडिक पर आरोप था कि उन्होंने बोस्निया में शांति के लिए अंतरराष्ट्रीय शांति दूत की सलाहों की अनदेखी की थी।
बोस्निया की एक अदालत ने बुधवार को रूस समर्थक बोस्नियाई सर्ब राष्ट्रपति मिलोराद डोडिक को एक साल की सजा सुनाई और उन्हें छह साल के लिए राजनीति से प्रतिबंधित कर दिया। उन्हें यह सजा उनकी अलगाववादी गतिविधियों को लेकर सुनाई गई है।
विज्ञापन
शांति दूत की बातों को नजरअंदाज करने का था आरोप
सरजेवो की अदालत का यह ऐतिहासिक फैसला एक साल की लंबी सुनवाई के बाद आया है। डोडिक पर आरोप था कि उन्होंने बोस्निया में शांति बनाने के लिए अंतरराष्ट्रीय शांति दूत की बातों को नजरअंदाज किया। सजा सुनाए जाने के समय डोडिक और उनके वकील अदालत में मौजूद नहीं थे।
सर्ब प्रशासित क्षेत्र को देश से अलग करने की थी योजना
डोडिक ने पहले कहा था कि अगर उन्हें सजा मिलती है, तो वह इसका पालन नहीं करेंगे और 'सख्त कदम' उठाएंगे, जिसमें बोस्निया को के सर्ब प्रशासित क्षेत्र रिपब्लिका सर्ब्स्का को बाकी देश से अलग करने की योजना भी शामिल थी।
विज्ञापन
बोस्निया में तीन साल तक चला था युद्ध
बोस्निया में 1992 से 1995 तक भयावह युद्ध हुआ था, जिसमें एक लाख लोग मारे गए थे और लाखों लोग अपने घर छोड़कर भागने को मजबूर हो गए थे। इस युद्ध को समाप्त करने के लिए अमेरिका के समर्थन से डेटन समझौता हुआ था, जिससे बोस्निया को दो हिस्सों में बांट दिया गया था।
राष्ट्रपति ने बुलाई राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की आपात बैठक
सजा के एलान के तुरंत बाद डोडिक के समर्थन में हजारों लोग बान्जा लुका शहर में एकत्र हुए। इस दौरान डोडिक ने कहा, 'वे कहते हैं कि मैं दोषी हूं, लेकिन अब लोग कहेंगे कि मैं दोषी नहीं हूं। चिंता करने की कोई बात नहीं है। मैंने कठिन परिस्थितियों का मुकाबला करना सीख लिया है। यह खास बात है कि आप यहां एकत्र हुए हैं।' वहीं, पड़ोसी सर्बिया के राष्ट्रपति अलक्सांदर वुचित ने देश की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाई।