अमेरिका अब जवाबी टैरिफ को लेकर देशों को राहत देने के मूड में नहीं है। अमेरिकी प्रशासन ने साफ कर दिया है कि एक अगस्त के बाद टैरिफ लागू करने की समयसीमा नहीं बढ़ाई जाएगी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के देशों पर टैरिफ लागू करने की समयसीमा एक अगस्त है।
अमेरिकी वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लुटनिक ने एक टीवी कार्यक्रम में कहा कि समयसीमा के विस्तार की कोई संभावना नहीं है। उन्होंने कहा कि कोई विस्तार नहीं, कोई रियायती अवधि नहीं। एक अगस्त से टैरिफ तय हो जाएंगे। लागू हो जाएंगे। कस्टम विभाग पैसा वसूलना शुरू कर देगा और हम चल पड़ेंगे।"
उन्होंने यह भी कहा कि यूरोपीय संघ (ईयू) को अमेरिकी निर्यात के लिए अपने बाजार खोलने की जरूरत है ताकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को 30 प्रतिशत टैरिफ दर को कम करने के लिए राजी किया जा सके। सवाल यह है कि क्या वे राष्ट्रपति ट्रंप को इतना अच्छा सौदा प्रदान करते हैं कि वे टैरिफ को कम कर दें? उन्होंने आगे कहा कि यूरोपीय संघ को उम्मीद है कि वे कोई समझौता कर लेंगे और यह राष्ट्रपति ट्रंप पर निर्भर है, जो इस वार्ता के नेता हैं। हमने मेज सजाई है।
अब पांच देशों ने किया व्यापार समझौता
अब तक पांच देशों ने ट्रंप प्रशासन के साथ व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इसमें ब्रिटेन, वियतनाम, इंडोनेशिया, फिलीपींस और जापान शामिल हैं। भारत भी तेजी से व्यापार समझौतों पर हस्ताक्षर कर रहा है। हाल ही में ब्रिटेन के साथ समझौता हुआ है। जबकि अमेरिका के साथ बातचीत जारी है।
चीन को मिल सकती है राहत
साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट (एससीएमपी) ने रविवार को सूत्रों के हवाले से बताया कि सोमवार से स्टॉकहोम में शुरू होने वाली व्यापार वार्ता में बीजिंग और वाशिंगटन अपने टैरिफ संघर्ष विराम को 90 दिनों के लिए और बढ़ा सकते हैं। इससे पहले 12 मई को दोनों देशों ने जवाबी टैरिफ को कम करने के लिए एक समझौते पर सहमति व्यक्त की थी। तब दोनों देश 90 दिनों के लिए एक-दूसरे पर लगाए गए जवाबी टैरिफ को 115% कम करने पर सहमत हुए थे।
अमेरिका ने अबतक चीन से आने वाले सामानों पर 145% का टैरिफ लगा रखा था, वो अब 90 दिनों के लिए कम होकर 30% ही रह जाएगा। वहीं चीन ने अमेरिकी सामानों पर 125% का टैरिफ लगा रखा था, जो कम होकर केवल 10% पर आ जाएगा।
ट्रंप ने दो अप्रैल को किया था टैरिफ का एलान
राष्ट्रपति ट्रंप ने दो अप्रैल को दुनिया के अधिकांश देशों पर जवाबी टैरिफ लगाया था। भारत पर 26 फीसदी टैरिफ लगाया गया था। हालांकि बाद में इसे 90 दिन के लिए स्थगित कर दिया गया था ताकि सभी देश अमेरिका के साथ नए सिरे से व्यापार समझौता कर सकें। इसकी समयसीमा 9 जुलाई को समाप्त हो रही थी। इसके बाद 9 जुलाई को समाप्त होने वाली 90-दिन की टैरिफ छूट को अब 1 अगस्त तक बढ़ा दिया गया था।