अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को अफगानिस्तान में शांति वार्ता को आगे बढ़ाने में पाकिस्तान के सहयोग की सराहना की। अमेरिका पिछले 18 साल से चल रहे अफगान युद्ध को खत्म करने के लिए तालिबान के साथ समझौता चाहता है।
अमेरिका चाहता है कि सितंबर के आखिर में अफगानिस्तान में होने जा रहे चुनावों से पहले ही तालिबान के साथ राजनीतिक समझौता हो जाए। इससे अमेरिका के सैनिकों के लिए अफगानिस्तान से वापस अपने देश आने का रास्ता खुल जाएगा और अमेरिका के सबसे बड़े युद्ध का भी अंत होगा।
ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा, "अगर हम अफगानिस्तान में युद्ध लड़ना चाहते हैं और जीतते हैं, तो मैं उस युद्ध को एक हफ्ते में जीत सकता हूं। मैं नहीं चाहता कि एक करोड़ लोगों की मौत हो।" अमेरिका और पाकिस्तान के बीच अमेरिका में हुए 9/11 हमले के बाद से ही रिश्ते खराब हैं। इस हमले में पाकिस्तानी आतंकी ओसामा बिन लादेन का हाथ था, जिसे अमेरिका ने 2011 में मार दिया था।
आईएमएफ ने पाकिस्तान की लड़खड़ाती अर्थव्यवस्था को सही करने में मदद के लिए महज 6 बिलियन डॉलर के ऋण को मंजूरी दी है। यही वजह है कि पाकिस्तान के लिए अमेरिका का साथ काफी महत्वपूर्ण है। खान को पाकिस्तानी सेना का बेहद करीबी माना जाता है, जो सभी विदेशी मामलों में फैसला लेती है।