ऑस्ट्रेलिया
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ऑस्ट्रलिया इन दिनों महंगाई की मार से ग्रस्त है। देश में लोग बढ़ते मकान किराए से सबसे अधिक परेशान हैं। उधर ऑस्ट्रेलियाई उपभोक्ता रोजमर्रा के खर्च के क्षेत्रों को कम करने को मजबूर हो रहे हैं। इस बीच, रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि ऑस्ट्रेलिया के बड़े सुपरमार्केट्स ने महामारी के दौरान प्रॉफिट मार्जिन बढ़ाया जिससे महंगाई बढ़ गई है।
ऑस्ट्रेलिया में नया संकट क्या है? आवासन संकट कितना गहरा है? पूरे संकट की वजह क्या है? सरकार क्या कदम उठा रही है?
ऑस्ट्रेलिया
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ऑस्ट्रेलिया में नया संकट क्या है?
ऑस्ट्रेलिया के लोग इन दिनों भयंकर महंगाई की चपेट में हैं। 30-34 आयु वर्ग के ऑस्ट्रेलियाई और अपने घरों को किराए पर देने वाले लोग आवासन क्षेत्र में बढ़ती लागत से सबसे अधिक परेशानी का सामना कर रहे हैं। CommBank IQ की एक रिपोर्ट के अनुसार, मुद्रास्फीति के अनुरूप आवश्यक वस्तुओं पर खर्च बढ़ रहा है। ऑस्ट्रेलियाई उपभोक्ता रोजमर्रा के खर्च के क्षेत्रों में कम खर्च करने को मजबूर हो रहे हैं। उधर यात्रा और आवासन खर्च जनवरी-मार्च में पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 39 फीसदी से अधिक हो गया।
रिपोर्ट में आयु वर्ग के अनुसार खर्च करने के तरीके में एक बड़ा गैप देखा गया है। एक ओर जहां वृद्ध ऑस्ट्रेलियाई खर्च को बढ़ा रहे हैं, वहीं, युवा ग्राहक इसमें कटौती कर रहे हैं। 35 वर्ष से कम आयु वालों द्वारा महज 3.4 फीसदी वार्षिक खर्च किया गया है। यह 35 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों द्वारा खर्च किए जाने वाले से लगभग आधा है। 25-29 आयु वर्ग के ऑस्ट्रेलियाई सबसे कम खर्च कर रहे हैं। 18-24 वर्षीय आस्ट्रेलियाई का उनका औसत खर्च भी बढ़ गया है।
बता दें कि CommBank iQ ऑस्ट्रेलिया के कॉमनवेल्थ बैंक और डेटा साइंस और AI कंपनी The Quantum Group के बीच एक संयुक्त उद्यम है।
ऑस्ट्रेलिया
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संकट कितना गहरा है?
आवासन और किराये का संकट ऑस्ट्रेलियाई विश्वविद्यालयों में पढ़ रहे अंतरराष्ट्रीय छात्रों को सबसे अधिक प्रभावित कर रहा है। कई अंतरराष्ट्रीय छात्रों को गरीबी, खराब स्वास्थ्य और बेघर होने का गंभीर खतरा है। चीन से 27 वर्षीय जो जियांग ने बताया कि वह एक हॉस्टल के भीतर एक टेंट में सोने के लिए प्रति सप्ताह $300 का भुगतान कर रहे थे। पर्थ में, जिम्बाब्वे की 27 वर्षीय शर्लिन ने बताया कि उन्हें 30 अन्य लोगों के साथ, दो सप्ताह के लिए एक बेघर आश्रय में सोने के लिए मजबूर किया गया था।
सुपरमार्केट
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पूरे संकट की वजह क्या है?
ऑस्ट्रेलिया के बड़े सुपरमार्केट्स ने महामारी के दौरान प्रॉफिट मार्जिन को कई फीसदी बढ़ाया जिससे महंगाई दर में बेतहाशा वृद्धि हुई है। पांच साल की अवधि में कोल्स और वूलवर्थ के वित्तीय खातों के विश्लेषण से पता चलता है कि प्रमुख सुपरमार्केट न केवल अधिक सामान बेचने के लिए महामारी का उपयोग किया था, बल्कि बिक्री से होने वाली राशि को भी बढ़ाया।
कोल्स ने कहा कि बढ़ा हुआ मार्जिन अन्य क्षेत्रों में बचत के कारण मिला था, जबकि वूलवर्थ्स ने कहा कि आपूर्तिकर्ताओं को भुगतान की जाने वाली ऊंची थोक कीमतों की वजह से मुद्रास्फीति बढ़ी है। हालांकि, सुपरमार्केट क्षेत्र के बढ़ते लाभ मार्जिन से पता चलता है कि यह लागत को कवर करने के लिए और ऊर्जा बिल जैसे अन्य बढ़ते व्यावसायिक खर्चों के लिए दुकानदारों से अधिक शुल्क ले रहा है।
रिपोर्ट्स की मानें तो कोल्स के सुपरमार्केट डिवीजन में कुल मार्जिन महामारी से कुछ समय पहले 24.7% से बढ़कर अब 26.5% हो गया। वूलवर्थ्स के ऑस्ट्रेलियाई खाद्य प्रभाग में मार्जिन 29.1% से बढ़कर महामारी में 30.7% हो गया। कोल्स और वूलवर्थ ऑस्ट्रेलिया के सुपरमार्केट क्षेत्र पर हावी हैं जिनका दबदबा दो-तिहाई बाजार पर है।
कोल्स प्रवक्ता ने कहा, अधिक थोक मूल्य जो हम आपूर्तिकर्ताओं को दे रहे हैं, वह मुद्रास्फीति का प्राथमिक कारण है। उधर वूलवर्थ्स ने पहले अपने वित्तीय परिणामों में संकेत दिया था कि कुल मूल्य वृद्धि आपूर्तिकर्ता लागत में वृद्धि के अनुरूप रही है। कोल्स में सरकारी संबंध प्रबंधक विटोरिया बॉन ने सीनेट समिति को बताया कि सुपरमार्केट श्रृंखला ऊर्जा, ईंधन, पैकेजिंग और श्रम लागत के माध्यम से प्रत्यक्ष लागत वृद्धि का सामना कर रही थी।
वूलवर्थ्स के मुख्य वाणिज्यिक अधिकारी, पॉल हार्कर ने सीनेट समिति को बताया कि श्रृंखला ने बढ़ती खाद्य लागतों के जवाब में कुछ आवश्यक वस्तुओं पर कीमतों को स्थिर कर दिया था।
सुपरमार्केट के प्रतिनिधियों ने यूक्रेन में डिब्बाबंद सामान, उर्वरकों और अन्य सामानों को प्रभावित करने वाले युद्ध के साथ-साथ अधिक खाद्य कीमतों के लिए श्रृंखलाओं की आपूर्ति के लिए कोरोना का भी हवाला दिया।
वहीं, आवासन क्षेत्र में बढ़ती लागत की वजह ऑस्ट्रेलिया में सामाजिक आवास की कमी बताई जा रही है। देश में अंतर्राष्ट्रीय छात्रों का एक बड़ा हिस्सा असुरक्षित आवास और रहने की बढ़ती लागत का सामना कर रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, ऑस्ट्रेलिया में सामाजिक आवास की कमी 5,24,000 है जो अगले दशक में 6,71,000 तक पहुंच जाएगी। इस बीच, नौ मई को जारी संघीय श्रम सरकार के दूसरे बजट में आवास और सामुदायिक सुविधाओं के बजट में 31.8 प्रतिशत की कटौती कर दी गई है।
Anthony Albanese, एंथनी अल्बनीस
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सरकार कोई कदम उठा रही है?
ऑस्ट्रेलिया में बढ़ती महंगाई के बीच बीते कुछ वर्षों में सुपरमार्केट्स को मिले मार्जिन की जांच की मांग की जा रही है। प्रतियोगिता नियामक के एक विशेषज्ञ ने कहा कि संघीय सरकार द्वारा एक जांच शुरू करनी चाहिए। वहीं, विपक्षी दल ग्रीन्स का कहना है कि ऑस्ट्रेलियाई प्रतियोगिता और उपभोक्ता आयोग को पूर्व प्रतियोगिता प्रमुख एलन फेल्स द्वारा प्रस्तावित अतिरिक्त अधिकार दिए जाएं।
दूसरी ओर, आवासन के संकट से निपटने के लिए प्रधानमंत्री एंथोनी अल्बनीस और वित्त मंत्री जिम चाल्मर्स ने $10 बिलियन के निवेश कोष की घोषणा की है। यह कोष पांच वर्षों में 30,000 नए आवासों को वित्तपोषित कर सकता है। हालांकि, जानकार कहते हैं कि ऑस्ट्रेलिया के सामाजिक आवास की कमी को पूरा करने के लिए आवश्यक अनुमानित $300 बिलियन की तुलना में निवेश कोष बहुत कम है।