डॉक्टर व दूसरे पैरामेडिकल स्टाफ मेरी जिंदगी बचाने में जुटे थे पर मैंने उनके डर को भी देखा है। वो जब भी मेरे पास आते थे, अपने काम के बाद दस्ताने, मास्क और जरूरी चीजें तुरंत बदलते थे। यानी मैं किसी की जान के लिए खतरनाक हो चला था।
घर में रहें, जिंदगी बचाएं
लॉकडाउन के बीच आप घर में कैद होकर लोगों की जिंदगी बचा रहे हैं। इसका महत्व समझें। जरूरत पर ही बाहर निकलें। ऐसा करने पर ही आप खुद की और आसपास के लोगों की जिंदगी बचा रहे होते हैं।
घर में बैठकर ऊब जाना मौत के पास जाने से अच्छा है। कोरोना तो लोगों के बाहर निकलने का इंतजार करता है क्योंकि उसे तड़पती हुई जिंदगी वाला इंसान पसंद है।