दुनिया की दोनों महाशक्तियों को कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित और मदद का मोहताज पाकिस्तान ही नजर आ रहा है। चीन तो इस संकट से उबर आया है और अब पाकिस्तान को इससे बचाने के लिए वहां अस्पताल बनवाने से लेकर अपने विशेषज्ञों की टीम भेजने की तैयारी में है।
दूसरी तरफ कोरोना वायरस से खुद ही बुरी तरह प्रभावित और इससे निकलने का रास्ता ढूंढने में नाकाम रहा अमेरिका भी पाकिस्तान को मदद देने में पीछे नहीं है। पाकिस्तान में अमेरिकी राजदूत पॉल जोन्स ने वीडियो संदेश जारी करके कहा है कि कोरोना के खिलाफ जंग में अमेरिका अपनी टेक्नॉलॉजी और संसाधनों से पाकिस्तान को भरपूर मदद करेगा।
अमेरिका फिलहाल 10 लाख डॉलर की शुरुआती मदद देने के अलावा पाकिस्तान को 10 लाख डॉलर की अतिरिक्त मदद लैब बनवाने और जरूरी चीजों की सप्लाई करने के लिए दे रहा है। अमेरिका का कहना है कि उसके लिए पाकिस्तान को मदद देना प्राथमिकता है और दोनों देशों के रिश्ते और मजबूत बनाने की दिशा में एक जरूरी पहल भी।
उधर चीन के नेशनल हेल्थ कमीशन के उप मंत्री जेंग यी शिन ने कहा कि चीनी मेडिकल विशेषज्ञों की एक टीम पाकिस्तान भेजी जा रही है जो वहां के तमाम इलाकों का जमीनी स्तर पर दौरा करेगी और स्थानीय अफसरों के साथ मिलकर लोगों को कोरोना से बचाने में मदद करेगी।
पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता ने बताया कि अमेरिका से मिली मदद राशि को स्वास्थ्य मंत्रालय के सहयोग से खर्च किया जाएगा। चीन के अलीबाबा फाउंडेशन की ओर से पाकिस्तान को 50 हजार टेस्ट किट और 5 लाख फेस मास्क भेजे जाने के सवाल पर प्रवक्ता ने कहा कि चीन हर तरह से पाकिस्तान की मदद कर रहा है, इससे पहले भी चीन 12 हजार टेस्ट किट, 3 लाख मास्क और 10 हजार प्रोटेक्टिव सूट भेजे हैं।
इस्लामाबाद और सिंध के अलावा कई और जगहों पर ये जरूरी सामान भेजे गए हैं। इसके अलावा चीन की कई निजी संस्थाएं भी आर्थिक मदद भेज रही हैं। पाकिस्तान विदेश मंत्रालय के मुताबिक लंबे समय से लॉकडॉउन में रह रहे वुहान शहर को आगामी 8 अप्रैल से खोल दिया जाएगा। इसके बाद वहां रह रहे पाकिस्तानी नागरिकों के बारे में दोनों सरकारें मिलकर फैसला करेंगी।
दूसरी तरफ प्रधानमंत्री इमरान खान देश को आर्थिक संकट से उबारने और आने वाले वक्त के खतरे को देखते हुए फ्रांस, जर्मनी और स्पेन के अलावा तमाम देशों से मदद की गुहार लगा चुके हैं और पाकिस्तान को इस संकट की घड़ी में लगातार मदद करने की गुजारिश कर रहे हैं।
--