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स्पुतनिक वी के मानवीय परीक्षण के नतीजों का जल्द होगा प्रकाशन, डब्ल्यूएचओ दूसरी रूसी वैक्सीन को लेकर कर रहा चर्चा

Wed, 21 Oct 2020 08:05 AM IST
अनवर अंसारी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मॉस्को
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coronavirus vaccine China - फोटो : Social Media
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दुनियाभर में कोरोना वायरस वैक्सीन को तैयार करने के लिए वैज्ञानिक दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। रूस पहली कोरोना वायरस वैक्सीन बनाने का दावा कर चुका है और अब वह स्पुतनिक वी नाम की इस वैक्सीन के मानवीय परीक्षण के प्रारंभिक नतीजों को जल्द ही प्रकाशित करने वाला है। वहीं, रूस द्वारा तैयार की जा रही दूसरी कोरोना वैक्सीन 'एपीवैककोरोना' को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) और इसके निर्माताओं के बीच काफी अच्छी बातचीत हुई है। 

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स्पुतनिक वी के नतीजों का होगा प्रकाशन
रूस की स्पुतनिक वी कोरोना वायरस वैक्सीन के मानवीय परीक्षण के प्रारंभिक नतीजों को जल्द ही प्रकाशित किया जा सकता है। रॉयर्टस ने वैक्सीन बनाने वाले गामालेया इंस्टीट्यूट के निदेशक डेनिस लोगुनोव के हवाले से इसकी जानकारी दी। 

प्रारंभिक परीक्षण के लिए जारी की जाने वाली रिपोर्ट में पांच हजार से 10 हजार प्रतिभागियों का डाटा शामिल होगा। रूस ने नवंबर के शुरू में स्पुतनिक वी के बारे में प्रारंभिक डाटा प्रकाशित करने की योजना बनाई है। स्पुतनिक वी के परीक्षण में 40 हजार प्रतिभागियों की मदद ली जा रही है। इस वैक्सीन का परीक्षण रूस की राजधानी मॉस्को में सितंबर की शुरुआत से ही चल रहा है। 
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इसी बीच, वाल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, मोडर्ना इंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी स्टीफन बांसेल को उम्मीद है कि कंपनी द्वारा तैयार की जा रही कोविड-19 वैक्सीन के परीक्षण के अंतरिम नतीजे आ सकते हैं। इसके अलावा, अमेरिकी सरकार दिसंबर में इसके प्रयोग की अनुमति दे सकती है। 

रूस की दूसरी कोरोना वैक्सीन पर डब्ल्यूएचओ की बातचीत जारी
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कहा कि रूस द्वारा तैयार की जा रही दूसरी कोरोना वैक्सीन को लेकर इसके निर्माताओं से काफी अच्छी बातचीत हुई। इस वैक्सीन का नाम 'एपीवैककोरोना' है। डब्ल्यूएचओ की मुख्य वैज्ञानिक सौम्या स्वामीनाथन ने जिनेवा में एक संवाददाता सम्मेलन में बताया, हम वैक्सीन को लेकर कुछ कहने की स्थिति में तब ही हो पाएंगे, जब हम तीसरे चरण के परीक्षण परिणामों को देखेंगे। 
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रूस ने 14 अक्तूबर को अपना दूसरा कोरोना वायरस वैक्सीन पंजीकृत किया। वेक्टर स्टेट रिसर्च सेंटर ऑफ वायरोलॉजी एंड बायोटेक्नोलॉजी द्वारा विकसित 'एपीवैककोरोना' वैक्सीन ने पिछले महीने अपना मानव परीक्षण के प्रारंभिक चरण को पूरा किया। वेक्टर रिसर्च सेंटर ने जुलाई में स्वयंसेवकों पर अपने वैक्सीन के नैदानिक परीक्षणों का संचालन करने के लिए रूसी स्वास्थ्य मंत्रालय की अनुमति प्राप्त की। पहले स्वयंसेवक को 27 जुलाई को टीका लगाया गया। 20 स्वयंसेवकों के अंतिम समूह को 8 सितंबर को चिकित्सा सुविधा से छुट्टी दे दी गई। 
 

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