उन्होंने कहा कि हम भारत में आपात स्थिति पर विचार करते हुए कम आवश्यकता वाले देशों की मदद के लिए जाने वाले जहाजों का मार्ग परिवर्तित कर सकते हैं और उम्मीद है कि जल्द ही हमें इस पर और जानकारियां मिलेंगी। उन्होंने बताया कि रक्षा विभाग फील्ड ऑक्सीजन उत्पादन प्रणालियां मुहैया कराने पर भी विचार कर रहा है जिसका इस्तेमाल अमेरिका ने अपने फील्ड मेडिकल अस्पतालों में किया था।
साकी ने कहा कि प्रत्येक ईकाई 50 से 100 बिस्तरों को ऑक्सीजन मुहैया करा सकती है। प्रशासन ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर्स और वेंटीलेटर्स मुहैया कराने के विकल्पों पर भी गौर कर रहा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने पिछले साल भारत को 200 वेंटीलेटर्स मुहैया कराए थे और चिकित्सा पेशेवरों को उनके इस्तेमाल को लेकर प्रशिक्षित किया था।
उन्होंने कहा कि और जिन चीज की सबसे ज्यादा जरूरत है वह पीपीई किट है और हमने इसके लिए भी अमेरिकी वाणिज्यिक आपूर्तिकर्ताओं की पहचान की है। हमने रेमडेसिविर के अमेरिकी वाणिज्यिक आपूर्तिकर्ताओं की भी पहचान की है।
भारत ने सात आवश्यक चीजों की सूची दी है जिसकी उसे तत्काल आवश्यकता है। इस सूची में ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर्स, 10 लीटर और 45 लीटर की क्षमता के साथ ऑक्सीजन सिलेंडर, ऑक्सीजन जेनरेटर्स, ऑक्सीजन उत्पादक संयंत्र, रेमडेसिविर, फैविप्रिविर और टोसिलिजुमैब शामिल हैं।
इस बीच अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि बाइडन प्रशासन कोविड-19 से निपटने में भारत को आवश्यक चिकित्सा सामान की आपूर्ति के लिए लगातार काम कर रहा है। विदेश विभाग के प्रवक्ता नेड प्राइस ने सोमवार को पत्रकारों से कहा कि भारत में मौजूदा हालात अमेरिका के लिए चिंता का सबब हैं।
उन्होंने कहा कि हम भारत में अपने मित्रों और साझेदारों के साथ एकजुटता से खड़े हैं। भारत को जिन चीजों की तत्काल जरूरत है उनकी आपूर्ति के लिए लगातार काम कर रहे हैं और इसमें ऑक्सीजन सहायता एवं संबंधित सामान शामिल हैं लेकिन साथ ही इसमें रैपिड जांच किट, वेंटीलेटर्स, निजी रक्षात्मक उपकरण या पीपीई, अग्रिम मोर्चे पर काम कर रहे भारत के स्वास्थ्य देखभाल कर्मियों की रक्षा करने वाले सभी सामान शामिल हैं।