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कोरोना कहां से आया?: अमेरिका की खुफिया एजेंसी का बड़ा दावा, कहा- इस देश की लैब में तैयार हुआ वायरस

Wed, 01 Mar 2023 09:59 AM IST
हिमांशु मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

कोरोनावायरस फैलने के बाद FBI की तरफ से पहली बार इस तरह का आधिकारिक बयान दिया गया है। हालांकि, चीन ने पहले ही इस तरह के आरोपों को खारिज कर दिया है। 
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कोरोनावायरस - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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कोरोनावायरस को लेकर बड़ी खबर आ रही है। अमेरिका की जांच एजेंसी फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) के निदेशक ने दावा किया है कि ये वायरस चीन की लैब में बनाया गया है। यहीं से पूरी दुनिया में फैला है। FBI के निदेशक क्रिस्टोफर रे ने कहा, 'ब्यूरो का मानना है कि कोविड-19 एक 'चीनी सरकार-नियंत्रित प्रयोगशाला' में तैयार किया गया है। इसकी सबसे ज्यादा संभावना है। क्रिस्टोफर ने फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में कहा, 'एफबीआई ने काफी समय से यह आकलन किया है कि महामारी की उत्पत्ति एक संभावित प्रयोगशाला घटना है।' 
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कोरोनावायरस फैलने के बाद FBI की तरफ से पहली बार इस तरह का आधिकारिक बयान दिया गया है। हालांकि, चीन ने पहले ही इस तरह के आरोपों को खारिज कर दिया है। क्रिस्टोफर के इस बयान से एक दिन पहले ही चीन में अमेरिका के राजदूत ने कोरोनावायरस को लेकर चीन को 'अधिक ईमानदार' होने के लिए कहा था। 

 

FBI चीफ ने और क्या कहा? 
मंगलवार को दिए इंटरव्यू में FBI चीफ ने कहा, 'चीन वैश्विक महामारी के स्रोत की पहचान करने के प्रयासों को विफल करने और बाधित करने की पूरी कोशिश कर रहा है। यह सभी के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है। कुछ अध्ययनों से पता चलता है कि ये वायरस चीन के वुहान स्थित लैब में तैयार की गई। यहां से ये वायरस जानवरों तक पहुंची और फिर जानवरों से इंसानों में आ गई।' 

उन्होंने कहा, वुहान में दुनिया की अग्रणी वायरस प्रयोगशारा वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी है। यहीं पर कोरोनावायरस को लेकर शोध चल रहा था। इससे महज 40 मिनट की दूरी पर सी फूड और मांस का बाजार है। अधिक संभावना है कि वायरस के लीक होने के बाद इसी बाजार के जरिए आम लोगों में इसका प्रसार होने लगा। 

 

अमेरिका के अलग-अलग एजेंसियों के अलग-अलग दावे
कोरोनावायरस की उत्पत्ति को लेकर अमेरिका के अलग-अलग एजेंसियों के अलग-अलग बयान सामने आए हैं। अमेरिकी मीडिया ने रविवार को बताया कि अमेरिकी ऊर्जा विभाग ने "कम आत्मविश्वास" के साथ आकलन किया था कि कोविड एक प्रयोगशाला से लीक हुआ है। एजेंसी ने पहले कहा था कि यह तय नहीं है कि वायरस कैसे शुरू हुआ। सोमवार को व्हाइट हाउस राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कोरोना की शुरुआत का पता लगाने के लिए हो रहे सरकारी प्रयासों का समर्थन किया है। लेकिन उन्होंने कहा कि अमेरिका में अभी भी स्पष्ट आम सहमति नहीं है कि ये कैसे फैला और इसकी उत्पत्ति कहां से हुई है। 

अक्टूबर 2021 में अमेरिका के शीर्ष जासूस अधिकारी द्वारा जारी एक रिपोर्ट में कहा गया था कि चार अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने "कम आत्मविश्वास" के साथ आकलन किया था कि यह एक संक्रमित जानवर या संबंधित वायरस से उत्पन्न हुआ था।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की एक जांच ने प्रयोगशाला रिसाव सिद्धांत को "बेहद असंभावित" कहा था। हालांकि, जब जांच को लेकर सवाल उठे तो संगठन के महानिदेशक ने यह कहते हुए एक नई जांच की बात कही कि अभी 'सभी परिकल्पनाएं खुली हैं और आगे के अध्ययन की आवश्यकता है।'  

 
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अब तक 60 लाख से ज्यादा लोगों की मौत
कोरोवायरस का सबसे पहले मामला 2019 में आया था। इसकी पुष्टि चीन में हुई थी। तब से लेकर अब तक दुनिया के सभी देशों में इसके मामले सामने आ चुके हैं। अब तक 67 करोड़ से ज्यादा लोग कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं। 68 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। 
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