पूरी दुनिया में कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र ने पाकिस्तान को भी इस संबंध में नसीहत दी है। संयुक्त राष्ट्र के अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग ने बुधवार को कहा कि कोरोना को लेकर बलूचिस्तान की राजधानी क्वेटा में अल्पसंख्यक शिया हजारा समुदाय के लोगों से वायरस फैलाने के आरोप में किया जा रहा सरकार का बर्ताव चिंताजनक है। सरकारी कर्मचारियों पर हजारा क्षेत्र के पास आने-जाने पर रोक लगाना गलत है। हजारा पुलिस को संदिग्ध मान छुट्टी पर भेज दिया गया है।
आयोग ने मंगलवार को कहा, क्वेटा के दो शहरों में सरकार ने दो क्षेत्रों हजारा टाउन और मरीदाबाद को पूरी तरह सील कर दिया है। आयोग के आयुक्त अनुरिमा भार्गव ने कहा, पहले से बुरी हालत वाले बलूचिस्तान में सरकार की रणनीति से कोरोना के कहर के बीच हालात और खराब हुए हैं। वायरस का धर्म, जाति, मजहब से कोई संबंध नहीं है।
सभी की सुरक्षा के लिए काम करे पाक सरकार
अंतराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग के कमिश्नर जॉनी मूरे ने कहा कि हमारी पाकिस्तान सरकार से गुजारिश है कि सभी नागरिकों की सुरक्षा पर काम करें। धार्मिक या सामुदायिक आधार पर फैसला न लें। चिकित्सा सुविधा लेना सभी का हक है। सरकार की नैतिक जिम्मेदारी है कि वे इस आपातकाल में कमजोर तबके की मदद करे।
तब्लीगी जमात का हर सदस्य होगा क्वारंटीन
कराची। डॉक्टरों के काम से इनकार करने के बीच कोरोना से संक्रमित लोगों की संख्या देश में 1,914 हो गई है। जबकि हाल ही में लाहौर में हुए तब्लीगी जमात के जलसे से कई लोग इसकी चपेट में आए हैं लेकिन मस्जिद बंद नहीं हुए। सिंध प्रांत में जमात के जलसे में शामिल हर सदस्य को ढूंढ क्वारंटीन करने के आदेश दिए गए हैं।