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ब्रिटेन ने वायरस के नए टीके का परीक्षण शुरू किया, प्रभावी टीका ढूंढने की दौड़ में नई कोशिश

Tue, 16 Jun 2020 03:45 PM IST
देव कश्यप पीटीआई, लंदन
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : ANI
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कोरोना वायरस के कहर से पूरी दुनिया त्राहिमाम कर रही है। वहीं, दुनिया के कई देशों के वैज्ञानिक और अनुसंधानकर्ता कोरोना का टीका और दवा बनाने की कोशिश में जुटे हुए हैं। इसी बीच इंपीरियल कॉलेज लंदन के वैज्ञानिक कोरोना वायरस के प्रायोगिक टीके के साथ इस हफ्ते ब्रिटेन में लोगों को प्रतिरक्षित करना शुरू करेंगे। वैश्विक महामारी को रोकने के लिए प्रभावी टीका ढूंढने की दौड़ में यह नई कोशिश है।

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ब्रिटिश सरकार ने सोमवार को एक बयान में कहा कि इंपीरियल में विकसित कोविड-19 के संभावित टीके की दो खुराकों के साथ करीब 300 स्वस्थ लोगों को प्रतिरक्षित किया जाएगा। इस टीके को विकसित करने के लिए सरकार ने करीब 387 करोड़ 88 लाख ( 5.1 करोड़ डॉलर) की राशि दी है।

इंपीरियल कॉलेज लंदन में विकसित इस संभावित टीके का अब तक केवल जानवरों और प्रयोगशाला में परीक्षण हुआ है जहां इसने संक्रमित व्यक्ति में आम तौर पर देखे जाने वाले एंटीबॉडी से ज्यादा स्तर पर एंटीबॉडी बनाए हैं।
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कई वैज्ञानिकों ने आगाह किया है कि इस वैश्विक महामारी को प्रभावी टीके से ही रोका जा सकता है जिसे विकसित करने में सामान्य तौर पर कई वर्ष लग सकते हैं।

टीका अनुसंधान की अगुवाई कर रहे रॉबिन शटोक ने कहा, 'दीर्घकालिक दृष्टि से, एक व्यवहार्य टीका सबसे ज्यादा संवेदनशील लोगों को बचाने के लिए महत्त्वपूर्ण होगा, जो प्रतिबंधों में ढील देने और लोगों को सामान्य जीवन की तरफ लौटने में मदद करेगा।'

करीब एक दर्जन संभावित टीकों का फिलहाल हजारों लोगों में शुरुआती तौर पर परीक्षण किया जा रहा है। इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि कोई भी काम करेगा, लेकिन इस बात की उम्मीद बढ़ती जा रही है कि साल के अंत तक कोई न कोई टीका तैयार हो जाएगा।

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