डॉक्टरों के मामलों पर गौर करने के तीन हफ्ते बाद चीन ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) से संपर्क किया। जनवरी की शुरुआत में वुहान पब्लिक सिक्योरिटी ब्यूरो द्वारा ली वेनलियांग को समन जारी किया गया जिसमें डॉक्टर पर 'अफवाह फैलाने' का आरोप लगाया गया। तीन जनवरी को डॉक्टर ली ने एक पुलिस स्टेशन में अपने 'अपराध' को स्वीकार करते हुए एक बयान पर हस्ताक्षर किए और आगे 'गैरकानूनी काम' न करने का वादा किया।
चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य विभाग ने संस्थानों को आदेश जारी किए कि वह इस अज्ञात बीमारी से संबंधित कोई जानकारी न छापे। इसी दिन हुबेई प्रांतीय स्वास्थ्य आयोग ने नई बीमारी से संबंधित वुहान से नमूनों के परीक्षण को रोकने का आदेश दिया और सभी मौजूदा नमूनों को नष्ट कर दिया। वुहान नगर स्वास्थ्य आयोग ने एक और बयान जारी किया, जिसमें कहा गया कि प्रारंभिक जांच में 'मानव-से-मानव संक्रमण का कोई स्पष्ट सबूत नहीं मिला और कोई मेडिकल स्टाफ संक्रमित नहीं है।'
छह जनवरी को न्यूयॉर्क टाइम्स में छपी रिपोर्ट के अनुसार 59 लोग इस न्यूमोनिया जैसी बीमारी से संक्रमित पाए गए। इसी दिन चीनी रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र ने स्तर एक पर ट्रेवल वॉच जारी किया। यात्रियों को वुहान में 'जीवित या मृत जानवरों, पशु बाजारों और बीमार लोगों' के संपर्क से बचने की सलाह दी गई। आठ जनवरी को चीनी चिकित्सा अधिकारियों ने वायरस की पहचान करने का दावा किया है, उन्होंने अपनी बात दोहराते हुए कहा कि उन्हें अभी भी 'मानव-से-मानव संक्रमण का कोई स्पष्ट प्रमाण नहीं मिला है।'
11 जनवरी को चीन ने वायरस के कारण पहली मौत की घोषणा की। मृतक 61 साल के व्यक्ति थे जो सीफूड मार्केट गए थे। इसी दिन वुहान शहर स्वास्थ्य आयोग ने सवाल और जवाब की एक शीट जारी करते हुए जोर दिया कि वुहान में अस्पष्टीकृत वायरल निमोनिया के अधिकांश मामलों में दक्षिण चीन के सीफूड मार्केट के संपर्क में आने का पता चला है और 'मानव-से-मानव संक्रमण का कोई स्पष्ट प्रमाण नहीं मिला है।'
12 जनवरी को ली वेनलियांग अस्पताल में भर्ती हो गए। एक मरीज का इलाज करने के बाद उन्हें खांसी हो गई और बुखार आने लगा। बाद में उनकी हालत बहुत खराब हो गई और उन्हें इंटेसिव केयर यूनिट में भर्ती करना पड़ा और ऑक्सीजन सपोर्ट दिया गया। 13 जनवरी को पहली बार नोवल कोरोना वायरस का पहला मामला चीन के बाहर सामने आया। यह थाईलैंड में रहने वाली 61 साल की चीनी महिला थी जो वुहान की यात्रा कर चुकी थी।
हालांकि थाईलैंड के जनस्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि महिला वुहान के सीफूड मार्केट नहीं गई थी और उसे पांच जनवरी को बुखार आया था। महिला ने वुहान में एक अलग, छोटे से बाजार का दौरा किया था, जिसमें जीवित और ताजा कत्ल किए गए जानवर बेचे जाते हैं। 14 जनवरी को डब्ल्यूएचओ ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि चीनी अधिकारियों द्वारा की गई प्रारंभिक जांच में वुहान में पहचाने गए नोवल कोरोनवायरस (2019-एनसीओवी) के मानव-से-मानव संक्रमण का कोई स्पष्ट प्रमाण नहीं मिला है।
15 जनवरी को जापान में कोरोना वायरस का पहला मामला सामने आया और स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि मरीज ने चीन के किसी भी सीफूड मार्केट का दौरा नहीं किया है। वुहान नगर स्वास्थ्य आयोग ने एक बयान में कहा कि 'सीमित मानव-से-मानव संक्रमण' की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। नेशनल रिव्यू के लेख के अनुसार, इस तथ्य के बावजूद कि वुहान के डॉक्टरों को पता था कि वायरस 'संक्रामक' है, शहर के अधिकारियों ने 40,000 परिवारों को नववर्ष भोज में घर में बनाया हुआ खाना खाने के लिए इकट्ठा होने की इजाजत दी।
19 जनवरी को चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग ने घोषणा की कि वायरस रोकने और नियंत्रण करने योग्य है। इसके एक दिन बाद वायरस की जांच कर रहे चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग की टीम के प्रमुख ने पुष्टि की कि चीन के गुआंगडोंग प्रांत में संक्रमण के दो मामले 'मानव-से-मानव संक्रमण से हुए हैं और चिकित्सा कर्मचारी संक्रमित हैं।' 21 जनवरी को चीनी रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र ने अमेरिका में कोरोना वायरस के पहले मामले की घोषणा की। मरीज छह दिन पहले ही चीन वापस लौटा था।
22 जनवरी को डब्ल्यूएचओ के एक प्रतिनिधिमंडल ने वुहान के एक क्षेत्र दौरा किया और निष्कर्ष निकाला, 'राष्ट्रीय स्तर पर नए परीक्षण किट के फैलाव से पता चलता है कि वुहान में मानव-से-मानव संक्रमण हो रहा है।' पहला मामला सामने आने के दो महीने बाद चीनी अधिकारियों ने पहला कदम उठाते हुए वुहान को लॉकडाउन (शहरबंदी) करने की घोषणा की। इस समय तक चीनी नागरिकों की एक बहुत बड़ी संख्या अनजान वाहक के रूप में विदेश यात्रा कर चुकी थी।
एक फरवरी को वी विनलियांग कोरोना पॉजिटिव पाए गए और इसके छह दिन बाद उनकी मौत हो गई। आज यह वायरस अंटार्कटिका के अलावा दुनिया के 170 से ज्यादा देशों में फैल चुका है। एशिया को अपनी चपेट में लेने के बाद यह वायरस यूरोप पहुंच गया है। यूरोप में 250,000 से ऊपर मामले सामने आए हैं। जिसमें से आधे स्पेन और इटली से हैं। स्पेन में 24 घंटे में 655 नए मामले आए है जबकि इटली के मरने वालों की संख्या बढ़कर 8,215 हो गई है।