बात अमेरिका की करें, तो वहां युवाओं में संक्रमण के मामले बढ़ने के कई कारण हो सकते हैं। अश्वेत जॉर्ज फ्लॉयड की मौत के बाद बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन और अर्थव्यवस्था को गति देने के बहाने खुली छूट मिलने के बाद बाजार से लेकर पब तक में भीड़ युवाओं को संक्रमित बना रही है। ये एकमात्र कारण नहीं हो सकता है, लेकिन इससे संभव जरूर है।
...कहीं युवाओं से बुजुर्गों में संक्रमण तो नहीं
विशेषज्ञों का मानना है, शुरुआती दिनों में वायरस की चपेट में युवा ही आए। लेकिन रोग प्रतिरोधक क्षमता के कारण वे प्रभाव से बच गए, लेकिन घर के बुजुर्गों को इनसे संक्रमण हो गया। डॉक्टरों का मानना है कि पब-बार और दूसरे सार्वजनिक स्थानों पर युवाओं के आने-जाने से संक्रमण फैलने की गुंजाइश अधिक थी।
मियामी के मेयर कार्लोस गिमेनेज का कहना है युवा खुद को अजेय समझ रहे हैं। इसी वजह से संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं। युवाओं में लक्षण नहीं होते हैं जिस कारण दूसरों को संक्रमित भी कर रहे हैं। इससे मरीजों की संख्या बढ़ रही है। मोटे, वजनी, मधुमेह और दूसरी बीमारियों से ग्रस्त युवाओं को खतरा हो सकता है।
संक्रमित युवा अनुमान से अधिक
महामारी रोग विशेषज्ञ डॉ. ज्यूडिथ ए माल्मग्रेन का कहना है कि 20 से 30 साल के संक्रमित युवाओं की तादाद 45 फीसदी है। उनका मानना है। युवाओं को जान का खतरा कम है, लेकिन उनसे उम्रदराज को संक्रमण खतरनाक होगा।