बता दें कि सिंगापुर में नियमानुसार किसी संक्रमित मरीज को 24 घंटे के भीतर दो स्वैब जांचों के नकारात्मक आने के बाद मरीज को छुट्टी दे दी जाती है। एनसीआईडी की मानें तो स्वैब जांच की रिपोर्ट पॉजिटिव आने का यह अर्थ नहीं कि संक्रमित दूसरों में वायरस के प्रसार का सबब बन सकता है। माना जा रहा है कि इस शोध के बाद फिलहाल सिंगापुर में कोरोना संक्रमितों के लिए बनाए गए नियम को बदला जा सकता है।
हालांकि, गंभीर रूप से बीमार मरीजों को लंबे समय तक सघन चिकित्सा की जरूरत पड़ती है। इसलिए पृथक रखने की आवश्यकता न होने के बावजूद उन्हें 11 दिन बाद छुट्टी देना मुनासिब नहीं रहेगा, क्योंकि वे दूसरों में संक्रमण भले ही न फैलाएं, लेकिन उनकी खुद की जान को खतरा हो सकता है।
सिंगापुर में हुए शोध के नतीजे इससे पहले जर्मनी में हुए एक अन्य शोध से मेल खाते हैं। जर्मनी में हुए एक शोध में पाया गया था कि संक्रमित होने के पहले 7 दिनों में तो मरीज के गले-फेफड़ों में वायरस की संख्या तेजी से बढ़ती मिली, लेकिन बाद में इसके प्रसार की गति कम और 11 दिन बाद खत्म हो गई।