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कोरोनावायरस का शिकार हुआ 30 घंटे का मासूम, दुनिया का पहला मामला, अब तक करीब 500 की मौत

Thu, 06 Feb 2020 12:30 AM IST
अनवर अंसारी पीटीआई, बीजिंग
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coronavirus in china - फोटो : coronavirus in china
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कोरोनावायरस से सर्वाधिक प्रभावित चीन के वुहान में जन्मे एक नवजात को महज 30 घंटे के भीतर कोरोनावायरस का संक्रमण हो गया। चीनी मीडिया के अनुसार इस वायरस से पीड़ित होने वाले लोगों में यह नवजात सबसे कम आयु का मरीज हो गया है। डॉक्टरों का अनुमान है कि यह संक्रमण मां से नवजात में आया होगा। उसकी मां इस बीमारी की चपेट में है। 

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इस संक्रमण से चीन में अब तक करीब 500 लोगों की मौत हो चुकी है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह वर्टिकल ट्रांसमिशन का मामला हो सकता है जिसमें संक्रमित मां से बच्चे में गर्भावस्था के दौरान या जन्म के बाद संक्रमण फैलता है।

बच्चे को जन्म देने से पहले मां की जांच रिपोर्ट में संक्रमण की पुष्टि हुई थी। चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने सोमवार को रिपोर्ट दी थी जिसके अनुसार पिछले सप्ताह एक संक्रमित मां से जन्मे बच्चे की जांच रिपोर्ट नकारात्मक पाई गई थी।
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माना जा रहा है कि यह संक्रमण बीते दिसंबर माह में वुहान शहर के बाजार से फैलना शुरू हुआ है। उस बाजार में जंगली जानवरों की बिक्री होती है। नए साल के मौके पर चीन से अन्य स्थानों पर जाने वालों के जरिए यह संक्रमण तेजी से फैला।

चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग ने मंगलवार को कहा कि इस वायरस से संक्रमित सबसे बुजुर्ग व्यक्ति की उम्र 90 वर्ष थी। रिपोर्टों के अनुसार संक्रमण से मरने वाले 80 फीसदी मरीजों की उम्र 60 वर्ष से अधिक थी।

कोरोना का कहर: चीन में मदद के लिए बुलाई गई सेना, चार हजार नए मामले

कोरोनावायरस की आपदा से जूझ रहे चीन ने सेना को बुला लिया है। राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अपने आदेश में कहा है कि चीनी सेना, पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) को अब इस महामारी को रोकने की जिम्मेदारी लेनी होगी। सेना को यह समझना होगा कि हालात बहुत मुश्किल और चुनौती भरे हैं। उन्होंने कहा कि पीएलए को अपना मकसद ध्यान में रखना होगा और आदेशों का पालन करना होगा। उन्होंने कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना की लोगों की मदद करने के लेकर प्रशंसा के पुल भी बांधे।

24 हजार से अधिक हैं चपेट में

चीन में कोरोनावायरस से मरने वालों की संख्या रोज बढ़ती जा रही है। चीन के नेशनल हेल्थ कमीशन ने बताया कि 65 लोगों की और मौत हो जाने से कुल संख्या 490 पर पहुंच गई है। इस वायरस से पीड़ित करीब चार हजार नए मामले सामने आने के बाद इस बीमारी से पीड़ित लोगों की तादाद 24 हजार को पार कर गई है। 

जापान में दस मरीजों का पता चला

इसके अलावा जापान में योकोहामा समुद्र तट पर खड़े एक पर्यटक जहाज पर सवार 3700 लोगों में से दस लोगों में कोरोनावायरस पाया गया है। इन्हें मिला कर जापान में इस बीमारी से पीड़ित लोगों की संख्या 33 हो गई है। इसके अलावा विश्व के 27 देशों में करीब 230 मामले सामने आ चुके हैं। हांगकांग में एक जलयान के 1800 से अधिक मुसाफिरों को तट पर ही रोक कर रखा गया है।

एयरलाइन कैथे: कर्मचारी लें अवैतनिक अवकाश  

हांगकांग की प्रमुख विमानन कंपनी कैथे पैसेफिक ने अपने 27 हजार कामगारों से कहा है कि वे तीन सप्ताह के लिए बिना वेतन का अवकाश ले लें क्योंकि कोरोनावायरस के चलते यह कंपनी आर्थिक संकटों का सामना कर रही है। उधर अमेरिका की कई कंपनियों ने हांगकांग के लिए अपनी सेवाएं रोक दी हैं। 

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एयर बस ने कामकाज रोका

हवाई जहाज बनाने वाली दिग्गज कंपनी एयर बस ने चीन में अपने कारखाने में निर्माण कार्य रोक दिया है। एयर बस ने एक बयान जारी करके कहा कि हालात को देखते हुए तियानझिन असेंबली लाइन का कामकाज रोक दिया गया है।

टोक्यो ओलंपिक के प्रायोजकों में घबराहट

कोरोनावायरस के चलते टोक्यो में इस साल होने वाले ओलंपिक खेलों के आयोजकों में घबराहट फैल गई है। इस कार्यक्रम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी तोशिरो मुतो ने बताया कि आयोजक बहुत अधिक चिंतित हो उठे हैं। गौरतलब है कि इस साल 24 जुलाई से टोक्यो में ओलंपिक खेलों को आयोजन शुरू हो जाएगा।

वुहान से 647 भारतीयों को लाने वाले एयर इंडिया क्रू को मोदी सरकार ने दी बधाई

जानलेवा कोरोनावायरस की आफत से चीन में घिरे भारतीयों को सुरक्षित वापस लाने का काम कर दिखाने एयर इंडिया के चालक दल के सदस्यों के साहसिक कारनामे की मोदी सरकार ने विशेष रुप से प्रशंसा के पुल बांधे हैं। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कैबिनेट की बैठक के बाद बताया कि एयर क्रू ने वापसी कर रहे 647 लोगों के साथ 12 घंटे से भी अधिक का वक्त बिताया। कोई और होता तो डर जाता और कहता कि ऐसी जगह क्यों जाना जहां बीमारी का इतना खतरा है। लेकिन एयर इंडिया के पायलटों ने कर्तव्यनिष्ठा को सर्वोपरि समझा और खुशी खुशी यह काम किया। गौरतलब है कि एयर्रा इंिडया की दो विशेष उड़ानों से इन लोगों को वापस लाया गया और इनमें मालदीव के सात मुसाफिर भी थे।
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