कोरोना संकट के बीच अधिकांश देशों में या तो लॉकडाउन है अथवा लोगों को घरों से बाहर नहीं निकलने के आदेश हैं। ऐसे में करीब चार अरब की आबादी वाली आधी दुनिया घरों में बंद है। परिवहन व उद्योग धंधों की रफ्तार भी थमी है।
बेल्जियम स्थित रॉयल ऑब्जर्वेटरी के मुताबिक, भूकंप वैज्ञानिक (सीस्मोलॉजिस्ट) धरती के कंपनों का पता लगाने के लिए जमीन के अंदर बने केंद्रों का उपयोग करते हैं। लेकिन, वर्तमान में धरती में छाई शांति के कारण इसे बाहर से भी उतनी ही अच्छी तरह सुना जा रहा है जितनी अच्छी तरह ये नीचे सुनाई देती हैं।
भूगर्भ विज्ञानी लेकोक ने कहा कि धरती के ऊपरी परत के कंपन में आई कमी यह दर्शाता है कि पूरी दुनिया में लोग लॉकडाउन के नियमों का पालन कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि धरती के कंपन में आई कमी के आंकड़ों से इस बात का निर्धारण किया जा सकता है कि किस देश के लोग लॉकडाउन के नियमों का ज्यादा पालन कर रहे हैं।
स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि घरों में बंद रहना कोरोनावायरस को फैलने देने से रोकने का एकमात्र सुरक्षित विकल्प है। जबकि व्हाइट हाउस ने अपनी आधिकारिक नीति घोषित करने में लगातार देरी की है। इसके चलते लॉस एंजिलिस, न्यूयॉर्क, कैलिफोर्निया, उत्तरी कैरोलिना आदि कई अमेरिकी राज्यों ने अपने यहां लोगों को घरों में ही रहने के आदेश दिए हैं।