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वायु प्रदूषण की अधिकता वाले अमेरिकी शहरों में कोरोना का संक्रमण ज्यादा: रिपोर्ट

Sun, 12 Apr 2020 03:13 PM IST
Rohit Ojha वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
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कोरोना वायरस - फोटो : PTI
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कोरोना वायरस संक्रमण और वायु प्रदूषण के बीच संबंध उजागर करने वाली एक अध्ययन रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका के उन शहरों में कोरोना संक्रमण से मौत होने के ज्यादा मामले सामने आए हैं, जिनमें वायु प्रदूषण का स्तर तुलनात्मक रूप से अधिक है।

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स्वास्थ्य क्षेत्र में कार्यरत अग्रणी अमेरिकी संस्थान ‘हार्वर्ड टी एच चान स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ’ की हाल ही में प्रकाशित अध्ययन रिपोर्ट के अनुसार, वायु प्रदूषण की अधिकता वाले इलाकों में कोविड-19 के मरीजों की मौत के ज्यादा मामले सामने आए हैं। इसके अनुसार अमेरिका के 3080 कांउटी में वायु प्रदूषण के स्तर और कोरोना से हुई मौत के तुलनात्मक अध्ययन के आधार पर यह बात सामने आई है।

अध्ययन रिपोर्ट में अमेरिकी शहरों में प्रदूषण की मात्रा और कोरोना वायरस संक्रमण से मौत के आंकड़ों को सूचीबद्ध नहीं किया गया है, बल्कि अध्ययन में शामिल विभिन्न कांउटी (अमेरिका में एक कांउटी में कुछ शहर और कस्बे होते हैं) में प्रदूषण और आबादी सहित अन्य मानकों के आधार पर कोरोना के असर संबंधी चार अप्रैल तक जुटाए गए आंकड़ों के आधार पर तुलनात्मक अध्ययन किया गया है।
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इसमें पाया गया कि मेनहट्टन कांउटी में जिन शहरों में पिछले 20 साल में पीएम 2.5 का औसत स्तर एक यूनिट अर्थात एक माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर से कम पाया गया, उनकी तुलना में इस कांउटी में कोरोना से 248 कम मौतें हुईं।

इसके अनुसार वाहन, तेल शोधन एवं बिजली संयंत्रों के कारण वायु प्रदूषण का सामना कर रहे अमेरिकी शहरों में, उन शहरों की तुलना में कोरोना से अधिक मौत हुई जिनमें वायु प्रदूषण या तो तुलनात्मक रूप से कम है या प्रदूषण की वजह इन तीन कारणों से इतर कुछ और है।

अध्ययन में शहर की आबादी, अस्पतालों में बिस्तरों की संख्या, कोरोना का परीक्षण किए गए मरीजों की संख्या, मौसम, सामाजिक आर्थिक स्थिति और लोगों के बर्ताव, जिसमें मोटापे की प्रवृत्ति और धूम्रपान की आदत को प्रमुख मानक के तौर पर शामिल किया गया।

इसके आधार पर अध्ययन में पाया गया कि कोरोना से हुई मौत की दर को बढ़ाने में वायु प्रदूषण के लिए जिम्मेदार पार्टीकुलेट तत्व (पीएम 2.5) के संपर्क में अधिक समय तक रहना, एक वजह के रुप में सामने आया है।

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