विश्व में कोरोना संक्रमण के चलते सोमवार तक नौ करोड़ से ज्यादा लोग प्रभावित हो चुके हैं जबकि मृतकों की संख्या भी 19.44 लाख से अधिक हो चुकी है। दुनिया के विभिन्न देशों में संक्रमण के अलग-अलग स्वरूप (वेरिएंट) सामने आ रहे हैं। ‘जॉन्स हॉप्किन्स यूनिवर्सिटी’ के रविवार तक के आंकड़ों के अनुसार, पिछले मात्र 10 सप्ताह में दुनियाभर में संक्त्रस्मण के मामले दोगुने हो गए हैं।
कोविड-19 संक्रमण के मामले पिछले साल अक्तूबर के अंत में चार करोड़ 50 लाख हुए थे। जबकि उसके बाद मात्र ढाई माह में यह संख्या करीब दोगुनी हो चुकी है। इस बीच अमेरिका में संक्रमण के 2.29 करोड़ मामले सामने आ चुके हैं जो दुनिया में सबसे ज्यादा हैं।
यहां अब तक हुई कुल मौतों की संख्या भी दुनिया में सर्वाधिक है जो सोमवार को 3.83 लाख का आंकड़ा पार कर गई। इसके अलावा ब्राजील इस मामले में तीसरे नंबर पर है जहां 81.05 लाख से ज्यादा संक्रमित और 2.03 लाख से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं।
वायरस उत्पत्ति के लिए चीन जाएगा डब्ल्यूएचओ का दल
चीन ने सोमवार को कहा कि कोरोना वायरस महामारी की उत्पत्ति की जांच करने के लिए डब्ल्यूएचओ के विशेषज्ञों का समूह 14 जनवरी (गुरुवार) को यहां आएगा। इसके साथ ही इसे लेकर विशेषज्ञों की यात्रा को लेकर अनिश्चित हालात का अंत हो गया।
इससे पहले डब्ल्यूएचओ के प्रमुख टेडरोस अधानोम गेब्रेयेसस ने विशेषज्ञों के दल को आवश्यक अनुमतियां नहीं देने पर बीजिंग की आलोचना की थी। सरकारी समाचार चैनल सीजीटीएन ने चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग के हवाले से कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के विशेषज्ञ वुहान जाएंगे जहां 2019 के दिसंबर में इस संक्रमण के मामले सबसे पहले सामने आए थे।
वुहान में वायरस की उत्पत्ति की व्यापक मान्यता पर सवाल उठाने वाले बीजिंग ने विशेषज्ञों के दस सदस्यीय दल को दौरे की अनुमति देने में विलंब किया था। चीनी आयोग के उप प्रमुख जेंग यिशिन ने कहा था कि वुहान में टीम के आने के वक्त पर अभी विचार किया जा रहा है। जांच करने आ रहे दल के साथ चीन के विशेषज्ञ भी वुहान जाएंगे।