कोरोना वायरस को लेकर अमेरिका और चीन के बीच वाकयुद्ध जारी है। अमेरिका में 14 राज्यों के रिपब्लिकन अटॉर्नी जनरलों ने देश के ट्रंप से बुधवार को कहा कि वह कोरोना वायरस वैश्विक महामारी फैलने के कारण हुए नुकसान के लिए राज्यों और संघ की साझेदारी की मदद से चीन की जवाबदेही तय करें।
राष्ट्रपति को लिखे गए पत्र में कहा गया है कि चीन की साम्यवादी सरकार सूचना मुहैया कराने में संभवत: असफल रही या फिर उसने गलत सूचना दी, जिसके कारण यह वायरस फैला। पत्र में कहा गया है कि कोविड-19 फैलने से हमारे राज्यों को बहुत नुकसान हुआ है। इस वायरस के कारण हमारे कई नागरिकों की मौत हो गई है और वे इसके कारण प्रभावित हुए हैं।
हमारी अर्थव्यवस्थाएं बंद हो गई हैं। बड़े और छोटे कारोबार इतनी बुरी तरह प्रभावित हुए हैं कि उनमें से कई पुन: खुल भी नहीं पाएंगे। फ्लोरिडा की अटॉर्नी जनरल एशले मूडी और दक्षिण कैरोलाइना के अटॉर्नी जनरल एलन विल्सन के नेतृत्व में अलास्का, अर्कांसस, जॉर्जिया, इंडियाना, कंसास, केंटुकी, लुइसियाना, मोंटाना, नेब्रास्का, ओकलाहामा, टेनेसी और पश्चिम वर्जीनिया ने इस पत्र पर हस्ताक्षर किए।
मूडी ने फोन पर बताया कि वह डेमोक्रेटिक पार्टी समेत और अटॉर्नी जनरलों को भी इस समूह में शामिल करना चाहती हैं ताकि चीन को इस महामारी के लिए जवाबदेह ठहराया जा सके। चीन के वुहान शहर से दुनियाभर में फैले इस वायरस से अमेरिका में 85,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।
कोरोना वायरस संबंधी मामले को लेकर चीन से नाखुश ट्रंप ने बुधवार को ट्वीट किया था कि यह वायरस अमेरिका और चीन के बीच व्यापार समझौते होने के तुरंत बाद फैलना शुरू हुआ।
उन्होंने अटार्नी जनरलों के पत्र पर कोई प्रतिक्रिया जाहिर नहीं की लेकिन ट्वीट किया कि अभी स्याही सूखी भी नहीं थी कि दुनिया पर चीन से फैली महामारी की मार पड़ी। सौ व्यापार समझौतों से भी भरपाई नहीं होगी ...निर्दोष लोगों की जान गई।