अमेरिका के आर्लिंगटन में भोजन के लिए इंतजार में खड़े लोग
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कोरोना वायरस के कहर के आगे दुनिया का सबसे आर्थिक शक्तिशाली देश अमेरिका भी घुटने टेकता नजर आ रहा है। अमेरिका में कोरोना वायरस वैश्विक महामारी का दंश झेल रहे अधिकतर परिवार भोजन बैंक (फूड बैंक) की ओर उमड़ रहे हैं और दूर तक लगी कतारों में घंटों इंतजार कर रहे हैं।
लॉकडाउन के कारण एक के बाद एक कारोबार रातों-रात बंद हो जाने के 2.2 करोड़ बेरोजगार हो गए हैं और वे खाने-पीने के लिए दानदाताओं पर निर्भर हो गए हैं। पेन्सिलवेनिया में ग्रेटर पीट्सबर्ग कम्युनिटी फूड बैंक के एक वितरण केंद्र में करीब 1,000 कारें कतारों में खड़ी रहीं।
उसके भोजन के पैकेटों की मांग करीब 40 फीसदी तक बढ़ गई है। संगठन के उपाध्यक्ष ब्रायन गुलिश ने कहा कि काफी लोग पहली बार हमारी सेवा का इस्तेमाल कर रहे हैं। वे पहले कभी भोजन बैंक के पास नहीं आए। उन्होंने बताया कि इसलिए उन्हें मालूम नहीं है कि दक्षिण-पश्चिम पेन्सिलवेनिया में 350 वितरण केंद्र हैं।
उन्होंने कहा कि इसलिए ये कतारें इतनी लंबी हैं क्योंकि उन्हें मालूम ही नहीं है कि हमारा नेटवर्क इतना बड़ा है। न्यू ओर्लीन्स से लेकर डेट्रोइट तक पूरे अमेरिका में लोग भोजन बैंकों में उमड़ रहे हैं।
उपनगर बोस्टन में चेल्सिया में एक भोजन वितरण केंद्र में एलाना नाम की महिला ने कहा कि हमें काम पर गए महीनों बीत गए हैं। मुझे कल 15 दिन के नवजात के साथ एक महिला मिली। उसका पति काम नहीं कर रहा है, उसके दो और बच्चे हैं। उसके घर में खाने का कोई सामान नहीं है। वहीं, फूड बैंक के अधिकारियों का कहना है कि महामारी के इस काल में उनके भोजन की मांग अचानक आसमान छूने लगी है।