पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने शनिवार को अपने देशवासियों को चेतावनी देते हुए कहा कि वे कोरोना वायरस से पैदा हुए तीसरे चरण के खतरे के लिए तैयार नहीं हैं। उन्होंने हालांकि यह विश्वास जताया कि पाकिस्तान इस चुनौती के सामने मजबूती से खड़ा रहेगा।
खान ने शनिवार को कहा, 'किसी को भी यह झूठी तसल्ली नहीं होनी चाहिए कि वह इस कोरोना वायरस से सुरक्षित बच सकता है। न्यूयॉर्क को देखो जहां बहुत से अमीर लोग रहते हैं।' उन्होंने यह बयान तब दिया जब वह लाहौर गए थे ताकि वहां पंजाब सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों को देख सकें।
देश के सबसे बड़े प्रांत में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या एक हजार से ऊपर हो गई है। खान ने उस अस्पताल का दौरा किया जिसे प्रांतीय सरकार ने छोटे से नोटिस के बाद कोरोना वायरस के मरीजों को भर्ती करने के लिए बनाया है।
देशभर में कोरोना की वजह से 41 लोगों की जान जा चुकी है। पाकिस्तान में टेस्टिंग काफी सीमित है लेकिन पर्यवेक्षकों को चिंता है कि संख्या कहीं ज्यादा हो सकती है। पाकिस्तान का पंजाब वायरस का हॉटस्पॉट बन गया है। यहां अब तक 1,072 मामले सामने आ चुके हैं।
वहीं सिंध में 839, खैबर पख्तूख्वां में 383, बलूचिस्तान में 175, गिलगित-बाल्टिस्तान में 193, इस्लामाबाद में 75 और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में 11 मामले दर्ज किए गए हैं। इससे एक दिन पहले खान ने पूरे देश में लॉकडाउन लागू करने की संभावना को एक बार फिर खारिज कर दिया था।
पाकिस्तान सरकार ने शनिवार को उच्चतम न्यायालय को सूचित किया कि देश में कोरोना वायरस रोगियों की संख्या इस महीने के आखिरी हफ्ते तक 50,000 तक पहुंच सकती है। एक रिपोर्ट के अनुसार लगभग 7,000 मामले गंभीर जबकि 2,500 के आसपास चिंताजनक हो सकते हैं। वहीं सरकार का अनुमान है कि 41,000 मामले सामान्य हो सकते हैं।