कोरोना की वैक्सीन जल्द ही मिल जाएगी। इम्युनोलॉजिस्ट और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के प्रो. मार्टिन बाकमैन का दावा है कि अगले 6 से 8 महीने में दुनिया में पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन उपलब्ध हो जाएगी। वैक्सीन बनाने में वायरस जैसे तत्त्व प्रयोग होते हैं जो संक्रामक नहीं होते। ये पार्टिकल शरीर में जरूरी एंटीबॉडीज को तैयार करते हैं जो रोग से लड़ने में सहायक होता है।
कोरोना वायरस स्पाइक प्रोटीन से कोशिका पर स्थित रिसेप्टर से जुड़ता है, जो संक्रमण फैलाने की इजाजत देता है। इस रिसेप्टर को एसीई-2 कहते हैं। हम वैक्सीन बनाने की दिशा में स्पाइक प्रोटीन के एक हिस्से के साथ ही काम कर रहे हैं, जिसे रिसेप्टर-बाइंडिंग डोमेन (आरबीडी) कहते हैं।