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चीन से सटे ताइवान ने प्रोद्योगिकी और सटीक रणनीति का प्रयोग कर ऐसे दी कोरोना को मात

Sun, 05 Apr 2020 05:06 PM IST
अनवर अंसारी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
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coronavirus - फोटो : PTI
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चीन के वुहान शहर से पिछले साल कोरोना वायरस का प्रसार शुरू हुआ। जब इसने अपना प्रसार चीन से बाहर फैलाया तब तक चीन में इसके संक्रमण से तीन हजार लोगों की मौत हो चुकी थी और 80 हजार से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके थे। 

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वर्तमान समय में इस जानलेवा वायरस से दुनियाभर में 12 लाख से ज्यादा लोग संक्रमित है और 60 हजार लोग इस वायरस की चपेट में आकर मौत की नींद सो चुके है। इटली, स्पेन, फ्रांस और जर्मनी जैसे यूरोपीय देश भी इस वायरस की मार झेल रहे हैं। 

विश्व स्वास्थ्य संगठन जैसे वैश्विक निकायों ने वायरस को फैलने से रोकने के लिए दक्षिण कोरिया द्वारा अपनाई गई रणनीति को लेकर उसकी सराहना की। वही एक और प्रशासन जिसने अपने क्षेत्र के भीतर संकट को कम करने के लिए प्रशंसनीय कार्य किया है वह है ताइवान।
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ताइवान चीन के बेहद ही करीब स्थित है। चीन से ताइवान की दूरी महज 81 मील है। लेकिन ताइवान ने सटीक रणनीति अपनाते हुए इस वायरस को अपने यहां फैलने से रोका है। रिपोर्ट के अनुसार, जैसे ही चीन के वुहान शहर से कोरोना वायरस के प्रसार की खबर फैली, ताइवान का राष्ट्रीय स्वास्थ्य कमान केंद्र (एनएचसीसी) ने इसे लेकर तेजी से कार्रवाई की। स्टैनफोर्ड मेडिसिन में बाल रोग के प्रोफेसर और विशेषज्ञ जेसन वांग का कहना है कि यह परिणाम नई तकनीक और 2003 के सार्स प्रकोप को देखते उठाया गए कदम का नतीजा है। 

ताइवान का राष्ट्रीय स्वास्थ्य कमान केंद्र (एनएचसीसी) को सार्स महामारी के बाद बनाया गया और यह देश के लिए किसी भी बड़ी महामारी से लड़ने के लिए एक हथियार के रूप में काम करता है। जहां दुनियाभर के बड़े देश और अर्थव्यवस्था यह सोचने में व्यस्त है कि कौन सा कदम उठाया जाए। ताइवान कोरोना से लड़ने के लिए रणनीति बना चुका था। चीन के निकट के होने के चलते ताइवान पर इस वायरस के खतरे का सबसे ज्यादा संभावना थी। 

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ताइवान ने तेजी से निर्णय लेते हुए लोगों के यात्रा करने पर प्रतिबंध लगाना शुरू किया। इसने अपने सभी बंदरगाहों पर जांच शुरू कर दी और पृथकता केंद्र में भेजे गए व्यक्ति के आज्ञा का पालन न करने पर कड़े सजा का प्रावधान किया। इस महामारी से लड़ने में ताइवान की बड़ी संख्या में की गई कोरोना जांच ने भी मदद की। 

जैसे ही विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चीन के वुहान शहर में दिसंबर महीने निमोनिया से होने वाली बीमारी का जिक्र किया, वैसे ही ताइवानी अधिकारियों ने इससे निपटने के लिए कमर कस ली। जनवरी के पहले सप्ताह में ही ताइवान के अधिकारियों ने उन लोगों के लिए एक अधिसूचना जारी की, जिन्होंने पिछले 14 दिनों में वुहान से या वुहान के लिए यात्रा की थी और उन्हें बुखार या श्वास संबंधी लक्षण थे। इस तरह इन लोगों को पृथकता केंद्र में रखा गया और इन पर 20 से अधिक वायरस के लक्षणों को लेकर जांच की गई। 

जर्नल ऑफ अमेरिकन मेडिकल एसोसिएशन (जेएएमए) में प्रकाशित एक पेपर में प्रोफेसर वांग कहते हैं कि ताइवान ने अपने राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा डाटाबेस का लाभ उठाया और इसे अपने आव्रजन और सीमा शुल्क डाटाबेस के साथ एकीकृत करके विश्लेषण के लिए बड़े डाटा का निर्माण शुरू किया। 

उन्होंने कहा कि इससे मामले की पहचान में सहायता मिली क्योंकि यात्रा इतिहास और लक्षणों के आधार पर यह अधिकारियों को यात्री के बारे में जानकारी देता रहता। पिछले 14 दिनों में यात्रियों के उड़ान और यात्रा के इतिहास के आधार पर संक्रामक जोखिमों को वर्गीकृत करने के लिए क्यूआर कोड स्कैनिंग का प्रयोग किया गया। वांग ने बताया कि यात्रा इतिहास और स्वास्थ्य लक्षणों की ऑनलाइन रिपोर्टिंग सहित नई तकनीक का उपयोग किया गया। 

प्रशासन ने कोरोना वायरस के खिलाफ रणनीति तैयार करने के लिए 124 कार्रवाई मदों की एक सूची तैयार की। कोविड-19 संकट के लगभग तीन महीने के बाद, ताइवान में 400 से अधिक कोरोना वायरस मामले सामने आए और केवल पांच लोगों की मौत हुई।
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