भीड़ कोराना बम बनकर दुनिया के अलग-अलग देशों पर कहर बरपा रही है। फ्रांस के म्यूलहाउस स्थित चर्च में सालाना एक हफ्ते तक धार्मिक आयोजन होता है। 18 फरवरी को सामूहिक प्रार्थना हुई जिसमें दुनिया भर के हजारों लोग शामिल हुए।
इसके बाद लोग दुनिया के अलग-अलग कोने में पहुंचे और कोरोना वायरस टाइम बम बनकर अब अलग-अलग जगह कहर बरपा रहा है। फ्रांस सरकार अब कहने लगी है कि 18 फरवरी की सामूहिक प्रार्थना कोरोना का केंद्र बनी। 2500 संक्रमित मरीजों का संबंध इसी से जुड़ा है। अंदेशा है कि कोई संक्रमित व्यक्ति इसमें शामिल था।