स्वीडन के प्रधानमंत्री ने स्टीफन लॉफवेन ने लोगों से कहा है कि हर व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी लेनी होगी। हम हर चीज पर अंकुश या प्रतिबंध नहीं लगा सकते हैं क्योंकि ये सवाल सामान्य बुद्धिमत्ता का है। जो युवा हैं, वो अपनी जिम्मेदारी निभाएं, अफवाह न फैलाएं, कोई इस घड़ी में अकेला नहीं है। हर व्यक्ति के पास देश के प्रति भारी भरकम जिम्मेदारी है।
वायरस को हम जानलेवा बना रहे हैं
स्वीडन की कारोलिन्सका इंस्टीट्यूट की प्रो. सेसीलिया सॉडरबर्ग नॉक्लर का कहना है कि हम बहुत अधिक लोगों की जांच नहीं कर रहे हैं, न ही वायरस से संक्रमित लोगों की पहचान कर रहे हैं और न ही अधिक से अधिक लोगों को आइसोलेट कर रहे हैं। इसका मतलब है कि हम वायरस को जानलेवा बना रहे हैं जो हमें तबाही की ओर ले जाएगा।
कोरोना के भयावहता को समझने वाले डॉक्टर, वैज्ञानिक और प्रोफेसरों न सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग की है। दो हजार डॉक्टरों, वैज्ञानिकों और प्रोफेसरों ने सरकार के सामने अपील दायर करते हुए इस दिशा में कड़े कदम उठाने की मांग की है। विशेषज्ञों का कहना है कि जितनी देरी इसमें होगी उतनी ही भयावहता देश की सरकार और उसकेलोगों को देखनी होगी।
50 से अधिक लोग नहीं हो सकते एकत्र
स्वीडन के प्रधानमंत्री ने स्टीफन लॉफवेन ने वायरस से बचाव के लिए एक आदेश जरूरी जारी किया जिसमें एक स्थान पर 50 से अधिक लोग एकत्र नहीं हो सकते।
स्वीडन के उपसाला यूनिवर्सिटी के संक्रामक रोग विभाग के प्रो. बजॉर्न ऑलसेन का कहना है कि स्वीडन की राजधानी स्टॉकहोम में अधिकतर आबादी अकेली रहती है। हां स्वीडन के दूसरे शहरों में भीड़ है लेकिन वो सतर्क हैं जिस कारण डरने की जरूरत नहीं है। हां घर में एक साथ कई पीढ़िया रह रही हैं और बुजुर्ग अधिक हैं तो खतरा है लेकिन ऐसे परिवारों के लोग खुद से सावधानी बरतने लगे हैं।