शुरु में रहस्यमयी निमोनिया मानकर करते रहे इलाज
अमेरिकी वैज्ञानिक एड्रियाना हेग्यू ने बताया कि न्यूयॉर्क में बड़े पैमाने पर परीक्षण शुरू होने से पहले यहां के डॉक्टर इस बीमारी को रहस्यमयी निमोनिया मानकर ही इलाज करते रहे। हेग्यु और उनकी टीम ने न्यूयॉर्क के तीन अस्पतालों के 75 मरीजों के नाक से लिए गए नमूनों की जांच की।
हर मौसम में भिन्न होता है एन्फ्लूएंजा
हेग्यू के मुताबिक, सभी जीव समय के साथ बदलते रहते हैं, लेकिन आरएनए वायरस के प्रत्येक चक्र में कुछ त्रुटियां पेश होती है। ऐसा एसएआरएस-सीओवी-2 के मामले में भी हुआ। यही कारण है कि एन्फ्लूएंजा वायरस हर मौसम में भिन्न होते हैं और नए टीकों की आवश्यकता पड़ती है।