रूस में शनिवार को शुरू हुए कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के लिए दर्जनों टीकाकरण केंद्र खोल दिए गए हैं। इस टीकाकरण के लिए उच्च जोखिम वाले समूहों में शामिल हजारों की संख्या में चिकित्सकों, शिक्षकों एवं अन्य लोगों ने हस्ताक्षर किए भी हैं।
राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने तीन दिन पहले बड़े पैमाने पर कोविड-19 टीकाकरण अभियान शुरू करने का आदेश दिया था। इसके बाद टीकाकरण की शुरूआत हुई है। हालांकि, रूस में निर्मित इस टीके का जरूरी उन्नत अध्ययन अभी बाकी है जो स्थापित वैज्ञानिक ‘प्रोटोकॉल’ के अनुसार इसकी प्रभावशीलता एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है।
रूसी नेता ने बुधवार को कहा था कि स्पुतनिक वी की 20 लाख खुराकें अगले कुछ दिनों में उपलब्ध होंगी। इस टीकाकरण के लिए अकेले मास्को में शनिवार को 70 केंद्र खोले गए हैं। डॉक्टरों, शिक्षकों एवं स्थानीय निकाय के कर्मचारियों को इसके लिए अपना समय निर्धारित करने के लिए कहा गया है। मास्को के महापौर सर्गेई सोब्यानीन ने बताया कि कुछ ही घंटों के अंदर इसके लिए पांच हजार लोगों ने हस्ताक्षर किए हैं। सोब्यानीन ने कहा कि यह सबसे पहले स्कूलों के कर्मचारियों, स्वास्थ्यकर्मी और सामाजिक कार्यकतार्ओं को उपलब्ध कराया जा रहा है। सभी मरीजों का 21 दिनों के गैप में दोनों इंजेक्शन दिए जाएंगे।
रूस की राजधानी मास्को में शनिवार को कोविड-19 के टीकाकरण कार्यक्रम की शुरुआत हो गई। यह टीका उन लोगों को सबसे पहले दिया जा रहा है, जिनको संक्रमित होने का खतरा सबसे अधिक है। रूस अपने 'स्पूतनिक वी' नामक टीके का उपयोग कर रहा है। 'स्पूतनिक वी' विकसित करने वाले वैज्ञानिकों का मानना है कि यह 95 प्रतिशत प्रभावी है और इसका कोई बड़ा दुष्प्रभाव नहीं है। हालांकि, सकारात्मक परिणाम के बावजूद टीके का सामूहिक परीक्षण अभी भी जारी है। हजारों लोगों ने टीकाकरण के लिए पंजीकरण किया है।
रूस ने दावा किया कि 'स्पुतनिक वी' दुनिया का पहला पंजीकृत कोरोना टीका है, क्योंकि सरकार ने अगस्त की शुरुआत में इसे मंजूरी दे दी थी। हालांकि रूस कई अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों की रूस के इस कदम की आलोचना करते हुए कहा था कि टीके का परीक्षण उस समय केवल कई दर्जन लोगों पर किया गया था। इस पर राष्ट्रपति पुतिन ने कहा था कि उनकी बेटियों में से एक ने शुरुआती टीका लगवाया था।