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ट्रंप का दावा, गर्म और नमी वाले मौसम में कोरोना वायरस के जीवित रहने की संभावना कम

Fri, 24 Apr 2020 08:13 AM IST
अनवर अंसारी एएनआई, वॉशिंगटन
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डोनाल्ड ट्रंप (फाइल फोटो) - फोटो : PTI
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कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया में तबाही मचा रखी है। अभी तक इस वायरस की वैक्सीन तैयार नहीं हो पाई है। दुनियाभर के वैज्ञानिक इस वायरस की काट ढूंढ़ने में लगे हुए है। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि कोरोना वायरस के गर्म और नम वातावरण में जीवित रहने की संभावना कम रहती है। 

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अमेरिकी डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (डीएचएस) की रिपोर्ट का हवाला देते हुए, राष्ट्रपति ट्रंप ने गुरुवार (स्थानीय समय) को कहा कि कोरोना वायरस के गर्म और नम वातावरण में जीवित रहने की कम संभावना है क्योंकि यह ठंड और शुष्क मौसम के उलट है जहां यह वायरस लंबे समय तक रहता है।

व्हाइट हाउस में संवाददाता सम्मेलन में ट्रंप ने कहा कि डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (डीएचएस) के वैज्ञानिकों ने एक रिपोर्ट जारी की कि वायरस विभिन्न तापमानों, जलवायु और सतहों पर कैसे प्रतिक्रिया करता है।
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उन्होंने बताया कि निष्कर्ष से इस बात की पुष्टि हुई है कि यह खतरनाक वायरस ठंडे और शुष्क वातावरण में बेहतर रूप से जीवित रहता है और गर्म और अधिक नमी वाले वातावरण में यह सही प्रकार से जीवित नहीं रह पाता है। 

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि उन्होंने वायरस पर गर्म मौसम के प्रभाव के बारे में पहले बताया था, लेकिन उस बात को सही प्रकार से नहीं लिया गया और अब ऐसा लगता है कि यह बात सही साबित हो सकती है।

ट्रंप का समर्थन करते हुए डीएचएस में विज्ञान और प्रौद्योगिकी निदेशालय के प्रमुख बिल ब्रायन ने कहा कि कोरोना वायरस धूप और नमी वाले वातावरण के संपर्क में आने पर बहुत तेज गति से मर जाता है। उन्होंने कहा कि यह वायरस धूप में जल्दी मर जाता है। साथ ही उन्होंने कहा कि इसोप्रोपाइल अल्कोहल 30 सेकंड में वायरस को मार देगा।

उन्होंने बताया कि मैं कुछ रुझानों को साझा करना चाहूंगा जो हमें विश्वास है कि महत्वपूर्ण हैं। हमारा आज तक का सबसे महत्वपूर्ण अवलोकन यह है कि सूर्य की रोशनी में वायरस सतह और हवा दोनों में मरते दिखाई देता है।

उन्होंने कहा कि हमने तापमान और नमी में भी ऐसे ही प्रभाव देखें। हम तापमान और नमी दोनों को बढ़ा रहे हैं, जो सामान्य तौर पर वायरस के लिए कम अनुकूल है। हालांकि, ब्रायन ने यह भी कहा है कि डीएचएस अध्ययन के परिणाम अभी शुरुआती स्तर पर है। 

वहीं, अब तक दुनियाभर में 26 लाख लोग कोविड-19 से संक्रमित हैं। जॉन्स हॉपकिन्स विश्वविद्यालय के डाटा के अनुसार, अकेले अमेरिका में कोरोना के 8,60,000 मामले सामने आए हैं और 49,759 लोगों की मौत हुई है। 

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