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कोरोनावायरस का कहर: चीन में अब तक 304 लोगों की मौत, 14 हजार हुई संक्रमित मरीजों की संख्या

Sun, 02 Feb 2020 05:51 AM IST
योगेश साहू न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग/नई दिल्ली

सार

  • चीन में वायरस से संक्रमित 45 नए मरीज मिले
  • वुहान से 324 भारतीय किए गए एयरलिफ्ट
  • छह संदिग्ध मरीजों को एयरपोर्ट पर रोका
  • छावला के आईटीबीपी कोरांटीन सेंटर में भर्ती किए गए 104 नागरिक
  • दो सप्ताह तक होगी निगरानी
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कोरोनावायरस (फाइल फोटो) - फोटो : PTI
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विस्तार
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चीन के वुहान शहर से शुरू हुआ कोरोनावायरस का कहर पूरी दुनिया में फैल गया है। ताजा जानकारी के मुताबिक चीन में कोरोनावायरस के कारण हुई मौतों की संख्या 304 हो गई है, जबकि चीन की सरकार के हवाले से जानकारी दी गई है कि संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 14 हजार तक पहुंच गई है। बता दें कि अमेरिका ने कोरोनावायरस के प्रकोप को देखते हुए पिछले दो सप्ताह में चीन की यात्रा पर गए विदेशी नागरिकों के देश में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया हुआ है।

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इससे पहले शनिवार सुबह 324 भारतीय नागरिकों को एयर इंडिया के जंबो बी747 विमान के जरिये एयरलिफ्ट कर लिया गया। हालांकि बुखार से पीड़ित छह भारतीय नागरिकों को कोरोना वायरस के संदिग्ध लक्षणों के चलते चीनी अधिकारियों ने विमान में चढ़ने की अनुमति नहीं दी। अन्य 324 लोगों को लेकर विमान ने सुबह 7.30 बजे दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लैंड किया। 

भारतीय अधिकारियों के मुताबिक, इन 324 भारतीयों में 211 छात्र, 110 पेशेवर कामगार और 3 खदानकर्मी शामिल हैं। बता दें कि चीन के हुबेई प्रांत का वुहान शहर ही जानलेवा कोरोनावायरस के फैलाव का अधिकेंद्र आंका गया है। यह विमान शुक्रवार दोपहर करीब 1.17 बजे दिल्ली एयरपोर्ट से वुहान शहर के लिए रवाना हुआ था। अधिकारियों के मुताबिक, एयरलिफ्ट किए गए सभी लोगों को पहले ही बता दिया गया था कि वुहान एयरपोर्ट पर विमान में चढ़ने से पहले उन्हें मेडिकल टेस्ट से गुजरना होगा और दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरने के बाद भी उन्हें 14 दिन तक चिकित्सकीय निगरानी में रखा जाएगा। 
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विमान उतरने के बाद 104 यात्रियों को दक्षिणपश्चिम दिल्ली के छावला क्षेत्र में आईटीबीपी परिसर के अंदर बनाए गए विशेष कोरांटीन सेंटर में भर्ती कराया गया है। इनमें 88 महिलाएं, 10 पुरुष और 6 बच्चे शामिल हैं। अन्य 220 लोगों को दिल्ली के करीब मानेसर में भारतीय सेना की तरफ से बनाए गए 300 बिस्तर वाले कोरोंटीन सेंटर में भेजा गया है। अधिकारियों का कहना है कि चीन से लाए जा रहे सभी लोगों पर दो सप्ताह तक डॉक्टरों की एक विशेषज्ञ टीम निगरानी रखकर उनमें संक्रमण के प्रभाव का आकलन करेगी। 

भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के प्रवक्ता विवेक कुमार पांडे ने बताया कि विमान से आने वाले सभी यात्रियों की सबसे पहले आईजी एयरपोर्ट पर ही थर्मल स्क्रीनिंग की गई। इसके बाद इन सभी की छावला क्षेत्र के कोरांटीन सेंटर में डॉक्टरों ने दोबारा जांच की। उन्होंने बताया कि 600 बिस्तर वाले इस कोरांटीन सेंटर में 25 डॉक्टरों के 24 घंटे मौजूद रहने की व्यवस्था की गई है।

इनमें 15 डॉक्टर सफदरजंग अस्पताल के हैं, जबकि शेष 10 डॉक्टर आईटीबीपी के हैं। उन्होंने बताया कि एक आवासीय भवन में बनाए गए केंद्र में किचन और बाथरूमों की सुविधा के साथ ही टेलीफोन और वाईफाई सरीखी कम्युनिकेशन सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं।

एक और विमान चीन के लिए रवाना

एयर इंडिया प्रवक्ता ने बताया कि वुहान में शेष बचे भारतीयों को लाने के लिए एयर इंडिया का ही एक और विमान भी दोपहर करीब 1.37 बजे रवाना कर दिया गया है। इस विमान के साथ राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल के पांच डॉक्टर भी वापस भेजे गए हैं। ये डॉक्टर पहली फ्लाइट में भी मौजूद थे। हालांकि विमान स्टाफ के सदस्य बदल दिए गए हैं। रेस्क्यू टीम का नेतृत्व एयर इंडिया के निदेशक संचालन कैप्टन अमिताभ सिंह कर रहे हैं।

विमान स्टाफ और यात्रियों में नहीं हुआ संपर्क
एयर इंडिया के चेयरमैन व प्रबंध निदेशक अश्विनी लोहानी ने बताया कि फ्लाइट क्रू को संक्रमण से बचाने के लिए विमान में ‘नो सर्विस’ की व्यवस्था की गई है। यात्रियों के लिए खाने के पैकेट उनकी सीटों में ही रखे गए हैं। साथ ही क्रू और यात्रियों के लिए संक्रमण रोधी मास्क भी इस्तेमाल करना अनिवार्य किया गया है। उन्होंने बताया कि हमने अपने क्रू सदस्यों के लिए एक संपूर्ण सुरक्षा आवरण का भी इंतजाम किया है।

पहले भी एयरलिफ्ट में काम आया है एयर इंडिया

यह पहला मौका नहीं है, जब सरकारी विमानन कंपनी एयर इंडिया ने आपात स्थिति में भारतीय नागरिकों को एयरलिफ्ट करने में सरकार का साथ दिया है। इससे पहले भी लीबिया, कुवैत, यमन, इराक और नेपाल आदि में एयर इंडिया की मदद से बचाव अभियान चलाए जा चुके हैं।

अन्य देश भी निकाल रहे अपने नागरिक, दो दर्जन देशों तक फैला वायरस
चीन के स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि भारत के अलावा अमेरिका, ब्रिटेन, बांग्लादेश, जापान और दक्षिण कोरिया आदि अन्य देशों ने भी बड़े पैमाने पर हुबेई प्रांत के वुहान शहर से अपने नागरिकों को निकालना शुरू कर दिया है। इसके अलावा दिसंबर की शुरुआत में वुहान शहर के एक मार्केट से फैलना शुरू हुआ यह वायरस अब दुनिया के दो दर्जन से ज्यादा देशों तक पहुंच गया है।

अमेरिका, ब्रिटेन, रूस और स्वीडन समेत इन दो दर्जन देशों में कोरोनावायरस संक्रमण के 124 मामलों की पुष्टि हो चुकी है, जिनमें भारत के केरल में एक मरीज में पाया गया संक्रमण का प्रभाव भी शामिल है। ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका ने अपने यहां चीन से आने वाले यात्रियों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है। साथ ही अमेरिका ने अपने देश में स्वास्थ्य आपातकाल भी घोषित कर दिया है। जापान के प्रधानमंत्री शिंजो अबे ने भी अपने यहां वायरस के फैलने की आशंका जताते हुए सतर्कता बरतने के आदेश दिए हैं।
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चीन में संक्रमित मरीजों की संख्या पर अलग-अलग दावे

शुक्रवार शाम तक करीब 17,988 अन्य लोगों को वायरस से संक्रमित होने के संदेह में चिह्नित किया जा चुका था। हालांकि साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट समाचार पत्र के मुताबिक, यूनिवर्सिटी ऑफ हांगकांग के वैज्ञानिकों के एक शोध में वुहार शहर के 75,815 लोगों के कोरोनावायरस से पीड़ित होने का दावा किया है। शनिवार को द लांसेट में प्रकाशित इस शोध में वैज्ञानिकों ने यह दावा इस संभावना के आधार पर किया है कि हर पीड़ित व्यक्ति से 2.68 अन्य लोगों में यह संक्रमण फैल रहा है।

डब्ल्यूएचओ ने दी सभी देशों को वायरस के स्थानीय फैलाव की चेतावनी
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने शनिवार को दुनिया के सभी देशों को कोरोनावायरस के स्थानीय स्तर पर फैलाव से बचाव करने की चेतावनी दी है। डब्ल्यूएचओ ने खासतौर पर उन देशों को आगाह किया है, जहां इस वायरस के संक्रमित मरीज मिले हैं। साथ ही ऐसे देशों में भी स्थानीय स्तर पर वायरस संक्रमण फैलने की संभावना जताई है, जिन्होंने अपने नागरिकों को चीन से एयरलिफ्ट किया है।

यह संभावना डॉक्टरों की उस चेतावनी के बाद जताई गई है, जिसमें वायरस का असली असर संक्रमित होने के दो सप्ताह बाद शुरू होने का दावा किया गया है। साथ ही कहा गया है कि इसके चलते बहुत सारे संक्रमित लोगों के अपने देशों में जांच के दौरान लक्षण नहीं पाए जाने पर आम जनता के बीच पहुंचने की संभावना बन गई है। इन लोगों से अन्य को भी संक्रमण फैल सकता है।
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