एयर इंडिया प्रवक्ता ने बताया कि वुहान में शेष बचे भारतीयों को लाने के लिए एयर इंडिया का ही एक और विमान भी दोपहर करीब 1.37 बजे रवाना कर दिया गया है। इस विमान के साथ राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल के पांच डॉक्टर भी वापस भेजे गए हैं। ये डॉक्टर पहली फ्लाइट में भी मौजूद थे। हालांकि विमान स्टाफ के सदस्य बदल दिए गए हैं। रेस्क्यू टीम का नेतृत्व एयर इंडिया के निदेशक संचालन कैप्टन अमिताभ सिंह कर रहे हैं।
विमान स्टाफ और यात्रियों में नहीं हुआ संपर्क
एयर इंडिया के चेयरमैन व प्रबंध निदेशक अश्विनी लोहानी ने बताया कि फ्लाइट क्रू को संक्रमण से बचाने के लिए विमान में ‘नो सर्विस’ की व्यवस्था की गई है। यात्रियों के लिए खाने के पैकेट उनकी सीटों में ही रखे गए हैं। साथ ही क्रू और यात्रियों के लिए संक्रमण रोधी मास्क भी इस्तेमाल करना अनिवार्य किया गया है। उन्होंने बताया कि हमने अपने क्रू सदस्यों के लिए एक संपूर्ण सुरक्षा आवरण का भी इंतजाम किया है।
यह पहला मौका नहीं है, जब सरकारी विमानन कंपनी एयर इंडिया ने आपात स्थिति में भारतीय नागरिकों को एयरलिफ्ट करने में सरकार का साथ दिया है। इससे पहले भी लीबिया, कुवैत, यमन, इराक और नेपाल आदि में एयर इंडिया की मदद से बचाव अभियान चलाए जा चुके हैं।
अन्य देश भी निकाल रहे अपने नागरिक, दो दर्जन देशों तक फैला वायरस
चीन के स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि भारत के अलावा अमेरिका, ब्रिटेन, बांग्लादेश, जापान और दक्षिण कोरिया आदि अन्य देशों ने भी बड़े पैमाने पर हुबेई प्रांत के वुहान शहर से अपने नागरिकों को निकालना शुरू कर दिया है। इसके अलावा दिसंबर की शुरुआत में वुहान शहर के एक मार्केट से फैलना शुरू हुआ यह वायरस अब दुनिया के दो दर्जन से ज्यादा देशों तक पहुंच गया है।
अमेरिका, ब्रिटेन, रूस और स्वीडन समेत इन दो दर्जन देशों में कोरोनावायरस संक्रमण के 124 मामलों की पुष्टि हो चुकी है, जिनमें भारत के केरल में एक मरीज में पाया गया संक्रमण का प्रभाव भी शामिल है। ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका ने अपने यहां चीन से आने वाले यात्रियों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है। साथ ही अमेरिका ने अपने देश में स्वास्थ्य आपातकाल भी घोषित कर दिया है। जापान के प्रधानमंत्री शिंजो अबे ने भी अपने यहां वायरस के फैलने की आशंका जताते हुए सतर्कता बरतने के आदेश दिए हैं।
शुक्रवार शाम तक करीब 17,988 अन्य लोगों को वायरस से संक्रमित होने के संदेह में चिह्नित किया जा चुका था। हालांकि साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट समाचार पत्र के मुताबिक, यूनिवर्सिटी ऑफ हांगकांग के वैज्ञानिकों के एक शोध में वुहार शहर के 75,815 लोगों के कोरोनावायरस से पीड़ित होने का दावा किया है। शनिवार को द लांसेट में प्रकाशित इस शोध में वैज्ञानिकों ने यह दावा इस संभावना के आधार पर किया है कि हर पीड़ित व्यक्ति से 2.68 अन्य लोगों में यह संक्रमण फैल रहा है।
डब्ल्यूएचओ ने दी सभी देशों को वायरस के स्थानीय फैलाव की चेतावनी
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने शनिवार को दुनिया के सभी देशों को कोरोनावायरस के स्थानीय स्तर पर फैलाव से बचाव करने की चेतावनी दी है। डब्ल्यूएचओ ने खासतौर पर उन देशों को आगाह किया है, जहां इस वायरस के संक्रमित मरीज मिले हैं। साथ ही ऐसे देशों में भी स्थानीय स्तर पर वायरस संक्रमण फैलने की संभावना जताई है, जिन्होंने अपने नागरिकों को चीन से एयरलिफ्ट किया है।
यह संभावना डॉक्टरों की उस चेतावनी के बाद जताई गई है, जिसमें वायरस का असली असर संक्रमित होने के दो सप्ताह बाद शुरू होने का दावा किया गया है। साथ ही कहा गया है कि इसके चलते बहुत सारे संक्रमित लोगों के अपने देशों में जांच के दौरान लक्षण नहीं पाए जाने पर आम जनता के बीच पहुंचने की संभावना बन गई है। इन लोगों से अन्य को भी संक्रमण फैल सकता है।